जमशेदपुर/रांची/पटना: लोक आस्था का महापर्व चैती छठ रविवार से नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ। इस दौरान व्रतियों ने सुबह में घर की सफाई की। इसके बाद स्नान कर पूजा की, जिसके साथ व्रत शुरू हो गया। पूजा में परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हुए। मालूम हो कि चैत्र शुक्लपक्ष षष्ठी पर मनाए जाने वाले छठ पर्व को चैती छठ कहते हैं, जिसे महिला-पुरुष दोनों अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मनाते हैं।
- चार दिवसीय छठ पर्व के दूसरे दिन सोमवार को खरना है।
- इस दिन व्रती दिनभर उपवास कर शाम में सूर्यास्त के बाद भगवान को रोटी-खीर सहित अन्य चीजें अर्पित करेंगी।
12 अप्रैल को पहला अर्घ्य
- चैती छठ का पहला अर्घ्य 12 अप्रैल को होगा।
- इसमें व्रती द्वारा अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
- इसके लिए शहर के नदी घाटों पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ेगा।
- 13 अप्रैल को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ महापर्व का समापन होगा।
बाजार में उमड़ी भीड़
- चैती छठ महापर्व शुरू होने के साथ ही इसका असर रविवार को बाजार में भी देखने को मिला, जहां लोग खरीदारी करते
नजर आए।
- व्रत से संबंधित सामग्री की दुकानों पर भीड़ थी। वहीं, घरों में भी महिलाएं व्रत की तैयारी में जुटी रहीं।
पूजा का शुभ मुहूर्त
11 अप्रैल : खरना : शाम 5.40 से 7.58 बजे तक।
12 अप्रैल : पहला अर्घ्य : शाम 5.40 बजे।
13 अप्रैल : दूसरा अर्घ्य : सुबह 5.15 बजे।
Source: Bhaskar

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