किशनगंज/पटना: किशनगंज जेल अधीक्षक कृपाशंकर पांडेय की करतूतों की सजा आखिर उसे मिलनी शुरू ही हो गई। जिस जेल में वह बताैर अधीक्षक तैनात था और कैदियों समेत जेल स्टाफ पर अपनी धौंस जमाता था अब उसी जेल में वह कैदी है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर कृपाशंकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे किशनगंज जेल में रखा गया है। इस बीच जेल आईजी आनंद किशोर के निर्देश पर डीएम ने किशनगंज के डीआरडीए के निदेशक भरत भूषण को जेल अधीक्षक नियुक्त किया गया है। जेल आईजी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर कृपाशंकर की गिरफ्तारी हुई है।
क्या है मामला
जेल अधीक्षक कृपाशंकर पर एक लड़की के साथ अश्लील हरकत करने से संबंधित वीडियो और तस्वीर वायरल हुई थी। जिस लड़की संग अधीक्षक के अश्लील हरकत करने का मामला उजागर हुआ है वह जेल में सामानों की आपूर्ति के व्यवसाय से जुड़े एक व्यक्ति की बेटी है।
एसडीपीओ ने भी आचरण को आपत्तिजनक माना
वीडियो वायरल होने के बाद मंगलवार को एसपी राजीव रंजन ने एसडीपीओ कामिनी बाला से मामले की जांच कराई थी। एसडीपीओ ने जेल अधीक्षक के आचरण को घोर आपत्तिजनक माना था।
यौन शोषण का आरोप फिर भी प्रमोशन कैसे?
कृपाशंकर भले ही गिरफ्तार हो गए हों, लेकिन कई सवाल अनसुलझे हैं। छह माह पहले भी पांडेय पर कैदियों से अप्राकृतिक यौनाचार का आरोप लगा था। तत्कालीन डीएम ने जेल आईजी से उसपर कार्रवाई की सिफारिश भी की थी। पर कार्रवाई के बजाए उसे प्रोन्नति मिली। वह भी किशनगंज में ही। कैदियों ने उसके कई काले कारनामे उजागर किए थे, पर प्राथमिकी तक दर्ज नहीं हुई।
Source: Dainik Bhaskar
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