नई दिल्ली/पटना: सीबीएसई ने बुधवार शाम को जेईई मेन्स के स्कोर व एडवांस के लिए क्वालिफाई अंक भी जारी किए। कुल अपीयर 11 लाख 28 हजार 636 स्टूडेंट्स में से एक लाख 98 हजार 228 ने एडवांस के लिए क्वालिफाई किया।
जेईई मेन्स शुरू होने के बाद पहली बार सामान्य का कट ऑफ सबसे कम रहा। इस वर्ग में 100 व उससे अधिक अंक पाने वाले क्वालिफाई हुए हैं। जबकि पिछले वर्ष 105 था। वहीं चार वर्ष में एसटी का कट ऑफ सबसे अधिक 48 अंक रहा। एससी का कट ऑफ 50 से बढ़कर 52 और एसटी का 44 से बढ़कर 48 पर पहुंच गया। पटना के ईशान तरुणेश को 296 अंक मिले हैं।
परीक्षा तीन अप्रैल को ऑफलाइन और 9 व 10 अप्रैल को ऑनलाइन हुई थी। सीबीएसई ने स्कोर के साथ ही कट ऑफ बताया है। पेपर 360 नंबरों को हुआ था। अलग-अलग वर्गों में कट ऑफ क्रॉस करने वाले स्टूडेंट्स को आईआईटी का एंट्रेंस एग्जाम एडवांस देने का मौका मिलेगा।
जो बच्चे कट ऑफ से पीछे रह गए हैं, उनके बोर्ड के अंकों का 40 प्रतिशत वैटेज और जेईई मेन्स के स्कोर के 60 प्रतिशत अंकों के साथ ऑल इंडिया मेरिट जारी होगी। इसके आधार पर उनको एनआईटी, ट्रिपलआईटी और अन्य सेंट्रल फंडेड इंस्टीट्यूट में दाखिला मिलेगा। दाखिला कॉमन काउंसलिंग के जरिए ही होगा।
कटऑफ ऊपर-नीचे होने के कारण ये भी...
एससी-एसटी कैटेगरी में कटऑफ कम मार्क्स का रहा। 90 में 12 से 14 सवाल हल करके भी यह कटऑफ क्रेक किया जा सकता है। जबकि, इस बार कैमिस्ट्री का पेपर पिछले साल की तुलना में मुश्किल था, इस वजह से सामान्य वर्ग के कटऑफ पर असर पड़ा है।
अब आगे क्या? : 29 अप्रैल को एडवांस के लिए आईआईटी में रजिस्ट्रेशन खुलेंगे। इसके लिए एक सप्ताह का वक्त होगा। 22 मई को एडवांस की परीक्षा होगी।
रिजल्ट के हाईलाइट्स
- जेईई मेन्स पैटर्न में 4 चार साल में पहली बार जनरल कैटेगरी में सबसे कम कट ऑफ
- एसटी कैटेगरी की कट ऑफ 4 साल में इस बार सबसे ज्यादा रही।
- इस बार एडवांस में डेढ़ लाख की बजाय लगभग दो लाख बच्चे बैठेंगे।
- 4 नई आईआईटी के साथ 22 आईआईटी में मिलेगा प्रवेश।
- वर्तमान जेईई पैटर्न का यह अंतिम वर्ष, अगले साल से बदल जाएगा पैटर्न
एक्सपर्ट की राय
- बोर्ड का परीक्षा परिणाम देखकर लगता है कि रिजल्ट बेहतर है। इस बार बोर्ड ने काफी सुधार किया है। सामान्य श्रेणी का कट ऑफ गिरना और एससी, एसटी का कट ऑफ बढ़ना इस बात को दर्शाता है कि परीक्षा में बैठने वाले छात्र अच्छा स्कोर कर रहे हैं। चाहे वह आरक्षित श्रेणी से ही क्यों न हो? इससे जेईई एडवांस का कट ऑफ भी बढ़ने की उम्मीद से इनकार नहीं किया जा सकता। - रमेश बतलिश, एक्सपर्ट
Source: Bhaskar

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