पटना: राज्य के सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में जल्द ही प्लेसमेंट सेंटर काम करेगा। शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने शुक्रवार को विधान परिषद में यह घोषणा की। मंगल पांडेय के तारांकित प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि 31 मार्च को सभी विश्वविद्यालयों को प्लेसमेंट सेंटर खोलने का निर्देश दिया गया है। शीघ्र ही प्लेसमेंट सेंटर सभी विश्वविद्यालयों में काम करने लगेगा। इससे रोजगार के अवसर सुलभ होंगे।
आगामी नियोजन में प्रशिक्षित शिक्षकों को मिलेगा अवसर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि 2014 में नियोजन की प्रक्रिया की समाप्ति के बाद जो भी अप्रशिक्षित अभ्यर्थी प्रशिक्षित हो गए हैं, उन्हें आगामी नियोजन में अवसर दिया जाएगा। कृष्ण कुमार सिंह के तारांकित प्रश्न पर कहा कि अभ्यर्थियों को आगामी नियोजन में उपलब्ध विषयवार रिक्ति एवं निर्धारित आरक्षण बिंदु के आलोक में नियोजन का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि माध्यमिक में प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की संख्या 22369 और अप्रशिक्षितों की संख्या 85605 है। इसी तरह उच्च माध्यमिक में उत्तीर्ण प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की संख्या 10492 और अप्रशिक्षित अभ्यर्थियों की संख्या 22969 है। बिहार माध्यमिक, उच्च माध्यमिक पात्रता परीक्षा 2011 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को 7 वर्षों तक नियोजन का अवसर उपलब्ध है।
कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की नौकरी स्थायी करने के लिए विपक्ष का विधानसभा में हंगामा
राज्य के 4.5 लाख कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की सेवा स्थायी करने की मांग को लेकर विपक्ष ने विधानसभा में जमकर हंगामा किया। विपक्ष के सदस्यों ने वेल में आकर करीब 15 मिनट तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शोर-शराबे के बीच ही स्पीकर विजय कुमार चौधरी ने ध्यानाकर्षण सूचनाओं पर सरकार का जवाब कराया और पहली पाली की कार्यवाही भोजनावकाश तक स्थगित कर दी। शून्यकाल समाप्त होते ही विपक्ष के नेता डॉ. प्रेम कुमार ने यह मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट पर नियोजित कर्मियों की नियमित नियुक्ति करने की घोषणा की थी। इसके लिए उच्चस्तरीय समिति भी बनाई गई। लेकिन, एक साल बीत जाने के बाद भी मामला जस का तस है। स्पीकर ने ध्यानाकर्षण सूचना की घोषणा की तो विपक्ष के अनेक सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे।
Source: Bhaskar

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