कोटा: बिहार से आकर कोटा में कोचिंग कर रहे छात्रों में दिन में हुए विवाद के बाद रात को 50-60 की संख्या में गुट बनाकर आए छात्राें ने महावीर नगर क्षेत्र में सब्जीमंडी स्थित सम्राट चाैराहे की एक मैस पर हमला कर दिया। वहां खाना खा रहे एक छात्र की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। वहीं, एक अन्य गंभीर घायल है। धारदार हथियारों से लैस होकर आए हमलावर भी कोचिंग स्टूडेंट्स ही थे। घटना का कारण बिहारी कोचिंग स्टूडेंट्स के दो गुटों में आपसी झगड़ा बताया जा रहा है। 5 दिन पहले ही कोटा आया संदीप: संदीप 5 दिन पहले ही जेईई की कोचिंग के लिए आया है। चचेरे भाई केशव ने बताया कि संदीप के पिता व मेरे माता-पिता साथ आए थे। एडमिशन के बाद वे चले गए। मृतक सत्यप्रकाश और संदीप एक-दूसरे को जानते तक नहीं। वह तो खाना खा रहे थे और उसी समय हमला हुआ। संदीप न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती है।
पीठ पर किया हमला हार्ट पर लगा
प्रिंस का इलाज करने वाले डॉ. आरके अग्रवाल ने बताया कि छात्र पर पीछे से चाकू से हमला किया गया था। वार इतना तेज था कि पीठ से घुसा चाकू हार्ट पर जा लगा और इसी कारण बच्चे की मौत हुई।
बचाने आए तो मोहल्ले वालों पर भी हमला, दहशत ऐसी कि दहलीज पर पड़ा रहा घायल, किसी ने नहीं उठाया
पूरे घटनाक्रम में दो ऐसी बातें भी सामने आई, जो इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली हैं। एक स्टूडेंट को बचाने के लिए मोहल्ले वाले हमलावरों से भिड़े हुए थे और सूचना पर पहुंची पुलिस 200 मीटर दूर चौराहे पर खड़ी रही। जबकि एक छात्र लहूलुहान हाल में एक मकान की दहलीज पर पड़ा रहा, लेकिन कोई सुध लेने तक नहीं आया। पुलिस व प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रात करीब साढ़े 8 बजे यह घटना हुई। गली में स्थित मैस पर मेडिकल की कोचिंग कर रहे नवादा, बिहार निवासी सत्यप्रकाश उर्फ प्रिंस (19) और जेईई की काेचिंग कर रहे समस्तीपुर, बिहार निवासी संदीप (18) समेत अन्य बच्चे खाना खा रहे थे। तभी बिहार के ही बताए जा रहे दूसरे स्टूडेंट्स का गुट चाकू-सरियों से लैस होकर आया और प्रिंस पर हमला बोल दिया। वहीं खाना खा रहा संदीप बोलने लगा तो उसे भी चाकू मारे। मोहल्लेवासियों ने दोनों को अलग-अलग नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्रिंस की मौत हो गई। जबकि संदीप की हालत गंभीर बनी हुई है, उसे ऑक्सीजन लगाई गई है। पुलिस ने इस संबंध में आधा दर्जन कोचिंग स्टूडेंट्स को हिरासत में लिया है, रात एक बजे समाचार लिखने तक पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में क्षेत्र के कई हॉस्टलों पर ताबड़तोड़ दबिशें दे रही थी। उधर, घटना की सूचना के साथ ही मृतक छात्र के पिता देवेंद्र गांव से कोटा के लिए रवाना हो गए।
ये भी हो सकता है कनेक्शन: लड़कियों से हुई थी छेड़छाड़
जिस गली में पूरा घटनाक्रम चला और संदीप को चाकू लगा वहां दोपहर को कुछ ऐसा हुआ था, जिसके बाद मोहल्लावासी भी परेशान थे। मोहल्लेवासियों ने बताया कि इस गली में एक गर्ल्स हॉस्टल और एक बॉयज हॉस्टल है। दोपहर में कुछ लड़कों ने गर्ल्स हॉस्टल की लड़कियों से अभद्रता की थी। सूचना कोचिंग संस्थानों तक गई तो सीपीओ मौके पर आए और कुछ लड़कों को वहां से अपने साथ लेकर गए। शाम को वापस सीपीओ उन लड़कों को छोड़कर चले गए। आखिर वहां ऐसा क्या हुआ, जिस वजह से सीपीओ मौके पर आए? पुलिस भी इस दिशा में जांच कर रही है। जांच के दौरान ही पुलिस ने रात को कुछ हॉस्टलों में दबिश भी दी।
वह सिर्फ इतना ही बोला-भैया, मैं नहीं बच पाऊंगा, मरने वाला हूं...
मैं घर पर खाना खा रहा था। तभी बाहर से आवाजें आई। मैंने सबसे पहले 100 नंबर पर कॉल कर सूचना दी कि मोहल्ले में झगड़ा हो गया। बाहर आया तो 40-50 लड़के एक छात्र (संदीप) पर ताबड़तोड़ वार कर रहे थे। मैं बाहर आकर जोर से चिल्लाया कि पुलिस आ रही है.. पुलिस आ रही है.. इतना कहकर मैंने चाकू मारने वाले एक लड़के को धक्का मारा। उसने जवाब में चाकू से वार किया, जो मेरी शर्ट को चीरता हुआ निकल गया। ज्यादा हो-हल्ला हुआ तो ये सभी भाग गए। इतनी ही देर में पुलिस की ट्रैकर भी आ गई, लेकिन वह चौराहे पर ही खड़ी रही, अंदर गली में नहीं आई। तभी लोगों ने बताया कि एक और स्टूडेंट (सत्यप्रकाश उर्फ प्रिंस) पास में मकान की दहलीज पर लहुलुहान पड़ा है। मैं दौड़ा और वहां पहुंचा तो अन्य लोगों की मदद से उसे उठाने लगे। उसने इतना ही कहा कि भैया, मैं नहीं बच पाऊंगा, मैं मरने वाला हूं। उसे मैं अपनी कार से लेकर सुधा हॉस्पिटल पहुंचा, जबकि संदीप को एंबुलेंस से न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचाया। सुधा हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने पूरा प्रयास किया, लेकिन उसे नहीं बचा पाए। (रोते हुए...) मुझे सिर्फ एक ही बात का अफसोस है कि सबकुछ करने के बावजूद मैं उस बच्चे को नहीं बचा पाया।
- घटना बताते हुए प्रत्यक्षदर्शी भुवनेश गुप्ता रो पड़े
Source: Bhaskar

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