पटना: सभी तरह की अटकलों पर विराम लगाते हुए सोमवार को सुपर 30 के संस्थापक और गणितज्ञ आनंद कुमार पर बायोपिक बनाने की घोषणा बॉलीवुड के जाने-माने डायरेक्टर विकास बहल ने कर दी।
सुपर 30 परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि आनंद कुमार पर वह प्रोड्यूसर विनय सिन्हा के साथ मिलकर बिग बजट की फिल्म बनाएंगे। बर्फी, पेज 3, लाइफ इन ए मेट्रो, बागी जैसी फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखने वाले संजीव दत्ता आनंद की जीवनी लिखेंगे। संजीव ने कहा कि यह फिल्म कालजयी होगी, जो सदियों तक याद की जाएगी।
नवंबर में पटना से शुरू होगी शूटिंग
उन्होंने बताया कि रिसर्च और स्क्रिप्ट का काम छह महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद शूटिंग शुरू होगी। फिल्म के प्रोड्यूसर ने कहा कि शूटिंग नवंबर-दिसंबर से शुरू होगी। शूटिंग पटना में की जाएगी। कुछ भाग मुंबई और विदेशों में भी की जाएगी। फिल्म अगले डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जाएगी।
बॉलीवुड स्टार होंगे लीड रोल में
फिल्म में आनंद की भूमिका बॉलीवुड के टॉप एक्टर निभाएंगे। नाम पूछे जाने पर विकास ने कहा- फिल्म को लेकर बॉलीवुड के कई बड़े स्टार उत्सुक हैं। फिलहाल नाम पर पर्दा कायम रहने दें। विषय गंभीर है लेकिन मनोरंजक का पुट भरा होगा। कहानी रोचक है, सफल छात्रों की कहानियां अपने आप में एक मिसाल और उर्जांवित करने वाली है।
12 फीसदी हिस्सेदारी से होगा संस्थान का विस्तार
संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए आनंद ने कहा कि विनय सिन्हा की फैंटम फिल्म्स से करार हो चुका है। प्रॉफिट का 12 फीसदी हिस्सा दिए जाने पर सहमति बनी है। कहानी अपने मुख्य उद्देश्य से न भटके, इसका विशेष ख्याल रखा जाएगा। जो भी मुनाफा होगा, उससे सुपर 30 का विस्तार किया जाएगा। हो सकता है कि आने वाले समय में सुपर 30 सुपर 60 बन जाए।
पहले भी आनंद पर बन चुकी है फिल्म
इससे पहले भी साल 2010 में पूर्व जापानी ब्यूटी क्वीन औरअभिनेत्री नोरिका फूजिवारा ने सुपर 30 इंस्टीट्यूट पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई थी। नेशनल जियोग्राफिक चैनल द्वारा भी आनंद कुमार के सुपर 30 का सफल संचालन एवं नेतृत्व पर डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई गई थी।
जाने आनंद के बारे...
आनंद कुमार बिहार के जाने-माने शिक्षक हैं। बिहार की राजधानी पटना में सुपर-30 नामक आईआईटी कोचिंग संस्थान के कर्ता-धर्ता है। वह रामानुज स्कूल ऑफ मैथेमेटिक्स नामक संस्थान का भी संचालन करते हैं। आनंद कुमार सुपर-30 को इस गणित संस्थान से होने वाली आमदनी से चलाया जाता है।
आनंद के संस्थान से अबतक सैकड़ों गरीब छात्र आईआईटी में चयनित हो चुके है। कई राज्यों में सुपर-30 संस्थान खोलने के लिए वहां की सरकार ने आनंद से संपर्क भी किया है। कई देशों ने आनंद के संस्थान को सराहा है। इसको लेकर कई संस्थाओं ने आनंद को सम्मानित भी किया हैं। सरकारी स्कूल के छात्र आनंद को शुरू से ही गणित में रुचि थी। आनंद को कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए बुलावा भी आया, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनका सपना पूरा नहीं हो सका। वर्तमान में आनंद गरीब बच्चों की प्रतिभा निखारने में लगे हुए है।
Source: Bhaskar

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