पटना: महात्मा गांधी सेतु पर जाम की समस्या बेकाबू हो चुकी है। ट्रैफिक पुलिस का हर प्लान यहां फेल हो जा रहा है। अब पहले के सभी जवानों को हटाकर नए जवानों को तैनात कर दिया गया है। लेकिन, इन्हें ट्रैफिक नियंत्रण की बेहद कम जानकारी है। सेतु पर पहुंचने वाली गाड़ियों के लिए पिछले वर्ष बनाए गए मास्टर प्लान की भी इन्हें कोई जानकारी नहीं। जवान कहते हैं- हमारी तैनाती सिर्फ गाड़ियों को सेतु पार कराने के लिए की गई है। अबतक किसी अधिकारी ने लेन ड्राइविंग की कोई जानकारी नहीं दी है।
10 स्थान और वहां की परेशानी
टमटम पड़ाव : यहां खगौल, नौबतपुर, फुलवारी की ओर से गाड़ियां आती हैं। दोनों लेन में ट्रकों के आ जाने से चलना मुश्किल है।
पुलिस कॉलोनी :अनीसाबाद तक लेन खाली है, मगर ट्रक ड्राइवर गाड़ी में ही सो रहे हैं। इसी कारण पीछे से आने वाली गाड़ियां भीषण जाम में फंसी हुई हैं। इन्हें आगे बढ़ने के लिए कहने वाला कोई नहीं।
अनीसाबाद गोलंबर :यहां पटना, फुलवारी और बेउर की ओर से एक साथ गाड़ियां पहुंच रही हैं। फुलवारी और बेउर से ट्रकों का भारी दबाव है। बेउर से अनीसाबाद के बीच ट्रकों की अवैध पार्किंग के कारण ये हालात बन रहे हैं।
बेउर मोड़ :यहीं से ट्रक दोनों लेन में शिफ्ट हो जा रहे हैं। इससे सिपारा तक लगभग दो किलोमीटर तक प्राइवेट गाड़ियों का लेन भी पूरी तरह जाम है। अपोजिट लेन पर प्राइवेट गाड़ियों के आ जाने से हालात बेकाबू हो जा रहे हैं।
सिपारा मोड़ : यहां तीन तरफ से गाड़ियों का दबाव है। ट्रक और टेंपो चालक लगातार मनमानी कर रहे हैं। प्राइवेट गाड़ियों के लिए सड़क पर जगह नहीं है।
मीठापुर मोड़ : बस स्टैंड से आने-जाने वाली गाड़ियों का लगातार दबाव है। इससे मीठापुर से आने वाली गाड़ियां लगातार रुकी रहती हैं। साथ ही अर्धनिर्मित पुल के कारण पिछले छह महीने से तोड़ी गई सड़क के कारण एक लेन से गाड़ियां गुजरती हैं। इससे जीरोमाइल की ओर गाड़ियों को खींचना बेहद मुश्किल है।
जगनपुरा मोड़ : इन इलाकों में ट्रक ओवरटेक कर रहे हैं। पुलिस की तैनाती नहीं होने के कारण हालात बेकाबू हो रहे हैं। दोनों लेन में ट्रकों के आ जाने से बस स्टैंड की ओर से आने वाली प्राइवेट गाड़ियां भी घंटों जाम में फंस रही हैं।
खेमनीचक भारत पेट्रोलियम के सामने : पटना से जीरोमाइल की ओर गाड़ियों का भारी दबाव है। लेकिन, ट्रैफिक पुलिस के जवान दाहिने लेन में ड्यूटी कर रहे हैं। बातचीत के दौरान कहते हैं, जाम छुड़ाने की जिम्मेदारी उनकी नहीं।
खेमनीचक भारत पेट्रोलियम के सामने : पटना से जीरोमाइल की ओर गाड़ियों का भारी दबाव है। लेकिन, ट्रैफिक पुलिस के जवान दाहिने लेन में ड्यूटी कर रहे हैं। बातचीत के दौरान कहते हैं, जाम छुड़ाने की जिम्मेदारी उनकी नहीं।
जीरोमाइल गोलंबर :यहां पांच ट्रैफिक के जवानों की तैनाती की गई है। बातचीत के दौरान बताते हैं कि यहां किस तरह से ट्रैफिक मॉनिटरिंग करनी है, हमें समझ नहीं आता। चार तरफ से गाड़ियां आ रही हैं। जिस तरह लेन खाली होता है, हम गाड़ियों को चला देते हैं।
धनुकी मोड़ : सेतु पर जाने के लिए प्राइवेट लेन पूरी तरह खाली है। ट्रक भी आसानी से चल रहे हैं। लेकिन, अगमकुआं पुल पर प्राइवेट गाड़ियां लगातार पैसेंजर उठा रही हैं।
अफसरों के बहाने
- सेतु पर गाड़ियां चल रही हैं। लाइन बहुत लंबी है, इसकी परेशानी के बारे में पता लगाता हूं। अधिकारियों से बातचीत हुई है। मीठापुर से फुलवारी के बीच गाड़ियों की लाइन क्यों लग रही इसकी जानकारी नहीं। इसे ट्रैफिक एसपी और डीआईजी को देखना चाहिए। शहर में जाम को कंट्रोल करना उनकी जिम्मेदारी है। - पंकज दराद, नोडल अधिकारी यातायात, आईजी
- जाम कंट्रोल के लिए हम सेतु पर जा रहे हैं। ट्रैफिक एसपी से इस बारे में बात करता हूं। नए जवानों को ट्रैफिक संचालन में जो परेशानी आ रही है, उसे जल्द ठीक किया जाएगा। शहरवासियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। - मनु महाराज, एसएसपी
नेताओं की दलील
- तीन-चार दिन पहले आपके अखबार के माध्यम से हमें यहां के अधूरे पड़े प्रोजेक्ट की जानकारी मिली है। यह हम सबकी परेशानी है। हम लगातार इसपर नजर बनाए हुए हैं। सरकार वैकल्पिक मार्ग की तलाश कर रही है। जल्द ही स्थिति को सामान्य कर लिया जाएगा। - तेजस्वी यादव, उपमुख्यमंत्री
- पिछले 15 वर्षों से सेतु का एक पार्ट लगातार बन रहा है। लगता है इसका कलेक्शन भी खत्म हो चुका है। बिहार सरकार के निश्चय और संकल्प में भारी कमी है। केंद्र की मदद से इसे कुछ ही महीनों में ठीक किया जा सकता है। यदि सरकार चाहे तो हमारे साथ दिल्ली चलकर मदद मांग सकती है। इसे वैज्ञानिक तरीके से तुरंत ठीक किया जा सकता है। -अरुण कुमार सिन्हा, मुख्य सचेतक, विरोधी दल
Source: Bhaskar

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