समस्तीपुर (बिहार): शादी का सीजन खत्म होने और गर्मी की छुट्टी के शुरू होते ही ट्रेनों में आने-जाने वालों की भीड़ काफी बढ़ गई है। शादी में अपने-अपने घर आए लोगों को वापस जाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं ट्रेनों की हालत ऐसी हो गई है कि सीट और सामान रखने की जगह क्या, लोग गेट पर लटक कर एवं बाथरूम में बैठकर बिहार से दिल्ली, पंजाब, कोलकाता रूट की ट्रेनों में जाने को मजबूर हैं। तत्काल टिकट के लिए रात-रात भर लगाते है लाइन...
- तत्काल टिकट के लिए रात-रात भर लाइन में लगने के बाद भी सैकड़ों लोगों को निराशा हाथ लग रही है।
- बिहार से बाहर जाने वाले लोगों को सभी रूटों में अगले तीन से चार सप्ताह तक रिजर्वेशन मिलना मुश्किल हो गया है। वहीं कई ट्रेनों में नो रूम की स्थिति बन आई है।
- लोगों को बैठकर जाने के लिए वेटिंग टिकट मिलना भी मुश्किल हो गया है।
- सीट नहीं मिलने की स्थिति में लोग फिजिकली चैलेंज्ड पैसेंजर वाली बोगी में भी लोग ट्रैवल कर रहे हैं। उसमें भी खड़े-खड़े ही जाना पड़ रहा है।
बिहार संपर्क क्रांति में नो रूम
बिहार से नई दिल्ली जाने के लिए करीब 10 ट्रेनें हैं। सभी ट्रेनों में टिकट की वेटिंग स्थिति है। दिल्ली जाने वाली सहरसा व जयनगर गरीब रथ में आगामी 27 मई तक 83 से 546 तक वेटिंग है। इसके कन्फर्म होने की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती है। वहीं वैशाली में आगामी 14 मई तक स्लीपर व एसी थर्ड में 27 से 431 तक की वेटिंग है।
बिहार संपर्क क्रांति में 10 तक नो रूम की स्थित और उसके आगे दो सप्ताह तक 21 से 421 तक की वेटिंग है। दरभंगा से चलने वाली स्वतंत्रता सेनानी में भी 400 से ज्यादा वेटिंग है। इसी प्रकार दिल्ली जाने वाली आम्रपाली, अवध-असम, शहीद सहित लंबी रूट से आने वाली गाड़ियां जो स्थानीय स्टेशन से दिल्ली जाती हैं, में अगले चार सप्ताह तक 350 से 400 तक की वेटिंग है।
वहीं हावड़ा जाने वाली रूट की गाड़ियों का भी यही हाल है। हावड़ा जाने वाली हावड़ा-रक्सौल, मिथिला, जयनगर-कोलकाता, दरभंगा-कोलकाता, पूर्वांचल, गंगा-सागर व बाघ एक्सप्रेस गाड़ियों में वेटिंग आ चुकी है जिससे वहां जाने वाले के साथ ही गर्मी की छुट्टी में वहां से आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली से आना भी हुआ मुश्किल
दिल्ली सहित परदेस रहकर पढ़ाई करने वालों के स्कूलों में गर्मी की छुट्टी होने लगी है। दिल्ली के कितने ही स्कूलों में अगले सप्ताह से छुट्टी होनी है जो अगले डेढ़ माह तक रहेगी। ऐसी हालत में तीन सप्ताह तक ट्रेनों में रिजर्वेशन नहीं मिलने से बच्चों की छुट्टी में घर आना मुश्किल दिख रहा है। बिहार संपर्क क्रांति में 55 से 640 की वेटिंग, वैशाली में 57 से 407 वेटिंग, गरीब रथ में 219 से 512 एवं स्वतंत्रता सेनानी में 41 से 368 तक की वेटिंग ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दी है।
वेटिंग टिकट लेकर रिजर्वेशन में ट्रैवल कर रहे है लोग
वहीं लगन कार्य से निवृत होकर व बाहर एडमिशन के लिए जाने वाले छात्र-छात्राएं ट्रेनों में रिजर्वेशन नहीं मिलने के कारण वेटिंग टिकट कटाकर रिजर्वेशन में किसी तरह बैठकर जा रहे हैं। जहां उन्हें रिजर्वेशन का अतिरिक्त शुल्क देना होता है। हालांकि अधिकांश यात्री सीट की खोज में इसी प्रकार रिजर्वेशन डब्बे में चढ़ते है जिससे इस कोच की भी हालत जनरल जैसी ही हो जा रही है। यहां भी लोगों को नीचे बैठकर, पायदान पर लटककर, बाथरूम के पास या फिर अंदर बैठकर जाना पड़ रहा है।
चलाई जा रही पांच स्पेशल ट्रेनें
समस्तीपुर रेल मंडल के सीनियर डीओएम बीके दास ने बताया कि 'गर्मी छुट्टी को देखते हुए पांच स्पेशल गाड़ियों का परिचालन विभिन्न रूटों में किया जा रहा है। हालांकि ये रोज न होकर सप्ताह में दो से तीन दिनों तक है। इस समय के सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है पर उसके लिए व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ी तो हेडक्वार्टर से अतिरिक्त गाड़ियों की मांग की जाएगी।'
Source: Bhaskar

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