नवगछिया: भापालपुर से जदयू विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल ने अपने निलंबन के बाद यू टर्न लेते हुए कहा कि उन्हें फंसाया गया है। मैनें किसी तरह का कोई भी विवादित बयान नहीं दिया है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि मुझे जबरन वकील प्रमोद राय की हत्या में भाजपा फंसाने की साजिश रच रही है। भाजपा कर रही है हत्या की राजनीति...
उन्होंने कहा कि इस मामले को बढ़ा-चढ़ा कर तूल दिया गया। हत्या की राजनीति वाली बात जुमला है। पूर्व विधायक इंजीनियर शैलेंद्र व पूर्व सांसद अनिल यादव मुझे बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।
मंगलवार को नवगछिया के मारवाड़ी विवाह भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि शराबबंदी पर बहुत बातें की गईं। इस पर मैनें कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अच्छा काम किया है, लेकिन इसके लिए समाज को भी संगठित होकर आगे आना होगा। नशा जंगली भांग में भी है, लोग कोरेक्स पीकर भी नशा करते हैं। पांच आदमी एक जगह रहते हैं वहां भी नशा का आलम हो जाता है। पति-पत्नी भी एक साथ रहते हैं तो नशे में रहते हैं। समाज जब तक इसके खिलाफ खड़ा नहीं होगा, अकेले नीतीश कुमार को नशा पर काबू पाना मुश्किल होगा। भाजपाई इन बातों को तूल देकर हमें बदनाम करने में जुट गए।
वकील की हत्या में मेरा हाथ नहीं
उन्होंने कहा कि भाजपाइयों ने वकील प्रमोद राय हत्याकांड में मुझे फंसाने की पूरी कोशिश की लेकिन हत्याकांड में मेरा कोई हाथ नहीं है। यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है। वकील प्रमोद की हत्या तुलसीपुर के राकेश राय ने पांच लाख की सुपारी देकर करवाई थी। इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है।
फत्तो ने बर्ताव सुधारने की सलाह दी थी
भवानीपुर के फत्तो पंडित प्रकरण पर उन्होंने कहा कि मैंने उनसे माफी मांग ली थी और उन्होंने हमें माफ भी कर दिया था। साथ ही, उन्होंने हमें इस तरह के बर्ताव में परिवर्तन लाने की सलाह भी दी थी। भाजपा के पूर्व विधायक इंजीनियर कुमार शैलेंद्र और पूर्व सांसद अनिल यादव अपने समर्थकों का काफिला लेकर फत्तो के घर पहुंचे और उनको लेकर एसडीपीओ के पास गए। वह हमें क्षमा कर दिये थे। इसलिए उन्होंने केस नहीं करने की बात कही थी। लेकिन भाजपा नेताओं का दबाव फत्तो पंडित पर नहीं चला तो उनके पुत्र को बगल में लगाकर उसे पैसे देकर हम पर मुकदमा करवाया गया।
कमलेश्वरी को पहचानता भी नहीं
जिला परिषद प्रत्याशी कमलेश्वरी मंडल प्रकरण पर विधायक ने सफाई देते हुए कहा कि मैं कमलेश्वरी मंडल को पहचानता भी नहीं। उस दिन मैं इस्माइलपुर रौशन यादव से मिलने के लिए गया था। रौशन से मैंने कहा कि अगर आप चुनाव नहीं लड़ते हो तो कोई नामांकन नहीं होगा। उसी समय एक व्यक्ति ने हमें जानकारी दी की अगर कमलेश्वरी मंडल चुनाव नहीं लड़ता है तो यह भी नाम वापस ले लेगा। इसके बाद इस्माइलपुर हटिया अपनी पत्नी के साथ पहुंचा। वहां पंचायत के मुखिया मनोहर मंडल से कमलेश्वरी मंडल के बारे में पूछा। वहां पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
उन्होंने उसे मिलने के लिए बुलाने के लिए भेजा भी, लेकिन वह घर पर नहीं थे। इसके बाद मेरी पत्नी सबिता देवी उनके घर पर गई थीं लेकिन वे घर पर नहीं मिले। उसके बाद वह लौटकर आ गईं। उसके बाद मैंने कहा था कि कमलेश्वरी मंडल रात में भी हम से मिल सकते हैं। इसमें भी भाजपा के यही दोनों नेता वहां पहुंचे और मामले को तूल देते हुए उन्हें पैसा देकर एसपी के पास ले जाकर मेरे खिलाफ सनहा दर्ज करवा दिया।
Source: Dainik Bhaskar
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