पटना: नालंदा के तेलहाड़ा के उत्खनन स्थल से 1600 वर्ष पुरानी गुप्तकालीन मूर्तियां मिली हैं। इनमें बौद्ध के साथ हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां भी शामिल हैं। राम, लक्ष्मण, सीता व गणेश की प्राचीनतम कांस्य प्रतिमा मिली हैं, जो बताती हैं कि बौद्ध धर्म के प्रभाव के बावजूद इस क्षेत्र में हिंदू धर्म भी व्यापक रूप से प्रचलित था। यहां तक कि उसके मठ और मंदिर भी हिंदू देवी-देवताओं के प्रभाव से अछूते नहीं थे।ये भी मिला...
- खुदाई में बड़ी संख्या में मृदभांड, दीपदान व अन्य पुरावशेष भी मिले हैं।
- यह सब कुछ तेलहाड़ा विवि के पश्चिमी कोने पर स्थित एक कमरे से मिली है, जो गुप्तकाल में निर्मित है।
- यहां चार दिनों से खुदाई का काम चल रहा है।
एक साथ खड़े राम, लक्ष्मण व सीता
खुदाई के क्रम में पहले राम और सीता की प्रतिमा मिली। शनिवार को लक्ष्मण की प्रतिमा अलग से मिली। इसे मिला कर देखने पर मालूम हुआ कि ये तीनों एक ही प्रतिमा के हिस्से हैं। उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश में इस तरह की गुप्तकालीन प्रतिमाएं मिल चुकी हैं, लेकिन बिहार में नहीं मिली थी। कई इतिहासकार कयास लगाते थे कि महायान बौद्ध धर्म के अधिक प्रभाव के कारण ऐसा है और बिहार में सनातन धर्म अधिक प्रचलित नहीं था। लेकिन प्रतिमा मिलने से अब यह मान्यता गलत साबित हो गई है।
लोकप्रिय थी गणपति व महिषासुर मर्दनी की पूजा
गणपति की पूजा की शुरुआत मध्य (दक्कन) और पश्चिम भारत में मानी जाती है, जहां से धीरे-धीरे यह देश के अन्य हिस्सों में फैली। तेलहाड़ा से गुप्तकालीन स्तर से गणपति की प्रतिमा मिलने से साफ है कि बिहार देश के उन भागों में से एक था जहां गणपति की पूजा सबसे पहले प्रचलित हुई। महिषासुर मर्दनी की प्रतिमा मिलना शाक्त धर्म के प्रचलन को दिखाता है। यमराज की प्रतिमा भी मिली है जो सनातन हिंदू धर्म के प्रसार को दिखाती है।
कांस्य व बलुआ पत्थर से बनी बौद्ध प्रतिमाएं
बिहार पुरातत्व निदेशक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि खुदाई में मिली कई बौद्ध प्रतिमाएं लाल बलुआ पत्थर से बनी हैं। इनमें बुद्ध की भूमि स्पर्श मुद्रा की प्रतिमाएं सबसे ज्यादा हैं। बौद्ध देवी तारा की एक बड़ी मूर्ति भी प्राप्त हुई हैं। कुछ कांसे की हैं। तेलहाड़ा में राम-सीता व गणेश की प्राचीनतम मूर्तियां मिली हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर खुदाई जारी है। प्रसिद्ध बौद्ध स्थल से हिंदू देवी-देवताओं की कई प्रतिमाएं मिलना नई बात है।
Source: Bhaskar

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