हाजीपुर: पूर्ण शराब बंदी का जिले में सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। शराब बंदी कानून लागू होने के बाद शहर से लेकर गांव तक अमन चैन का माहौल दिख रहा है। इतना ही नहीं घरों में होने वाली घरेलू हिंसा तो लगभग बंद ही हो गई है।
अप्रैल माह के पिछले 21दिनों में जिले के किसी थाने क्षेत्र में घरेलू हिंसा की एक भी घटना नहीं घटी। जहां शराब बंदी के पूर्व हर थाने में महीने में कम से कम घरेलू हिंसा के 5-7 शिकायतें दर्ज कराई जाती रही है। अधिकांश शिकायत पति और परिवार वालों पर नशे में महिलाओं के साथ मारपीट, गाली- गलौज करने से संबंधित रहती थीं।
पुलिस पदाधिकरियों को इस बदलाव से काफी राहत मिली
जिले के सभी थानों में शराब बंदी का असर दिखने लगा है। पुलिस वालों के यहां घटनाओं की शिकायतें काफी कम मिल रही है। थानों में एफआईआर कम हो रहे है। विभागीय आकड़ा के अनुसार शराब बंदी लागू होने के पूर्व के रिकार्ड की तुलना अप्रैल माह में दर्ज हुए एफआईआर की संख्या में लगभग 30 से 35 प्रतिशत की कमी आई है। पुलिस पदाधिकारी इस बदलाव से काफी राहत महसूस कर रहे है।
शराब बंदी से महिलाओं मिली राहत
शराब बंदी से आम लोग तो राहत महसूस कर रहे हैं। वहीं इस सरकार के इस प्रयास से महिलाओं में सबसे ज्यादा खुशी देखी जा रही है। हर घरों में शराब बंदी के बाद खास रौनक दिख रही है। मोहल्ले के महिलाओं में हर रोज इस पर चर्चा होती रहती है। बाजार के व्यवसायी वर्ग भी शराब बंदी से खुश हैं।
वैशाली एसपी राकेश कुमार ने बताया कि शराब बंदी के बाद पिछले बीस दिनों में एक भी घरेलू हिंसा की घटना नहीं घटी। थानों में दर्ज होने वाले एफआईआर में भी भारी कमी आई है। पिछले महीने के इसी अवधि की तुलना में एफआईआर की संख्या में 30-35 प्रतिशत की कमी आई है।
Source: Bhaskar

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