पटना: पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) के बिहार संगठन प्रभारी विक्की कुमार (शांति निकेतन कॉलोनी, भूतनाथ रोड) व संगठन के आर्म्स सप्लायर सोनू कुमार (माल सलामी) पटना पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। दोनों को अगमकुआं थाना अंतर्गत न्यू बाइपास के पास पटना पुलिस की विशेष टीम ने उस समय दबोचा, जब आर्म्स की डीलिंग चल रही थी।
पीएलएफआई के खिलाफ चल रहे अभियान में इस गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी कामयाबी मान रही है। बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी के एमआईजी फ्लैट में 30 मार्च 2015 को हुए विस्फोट में दोनों शामिल थे। राजधानी को हिला देनेवाली इस वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी कुंदन को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने कहा था कि ब्लास्ट के समय वहां विक्की मौजूद था। विक्की को विस्फोट के सिलसिले में पहले भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। बाहर आने के बाद वह फिर से संगठन के कार्य में सक्रिय हो गया था।
विक्की की निशानदेही पर उस काले पल्सर की भी बरामदगी हो गई है जिसका इस्तेमाल पीएलएफआई कैडर बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी में कर रहे थे। विक्की की तलाशी लेने पर उसके पास से एक पिस्टल व एक गोली व 2 सौ ग्राम गांजा भी बरामद किया गया है।
एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि पीएलएफआई के पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है। इस कारण पुलिस को यह सफलता मिली है। दोनों से पूछताछ कर संगठन से जुड़े अपराधियों व कैडर की गिरफ्तारी भी की जाएगी।
सोनू के खाते में आता था पैसा
सोनू से पीएलएफआई की काफी नजदीकी है। मूल रूप से जहानाबाद व पटना में मालसलामी का रहनेवाला सोनू हथियारों की कई खेप झारखंड पहुंचा चुका है। बिहार में संगठन विस्तार के लिए पीएलएफआई की चल रही प्रक्रिया में सोनू करीब से जुड़ा था। उसके बैंक अकाउंट में पीएलएफआई के शीर्ष कमांडर रुपए जमा कराते थे। जिसका इस्तेमाल बिहार में संगठन विस्तार के लिए हो रहा था। कई बार हथियारों की खरीदारी उसने संगठन के लिए की है।
कई संगीन मामले दर्ज :सोनू के खिलाफ आधा दर्जन संगीन आपराधिक मामले अलग-अलग थाने में दर्ज हैं। इसमें हत्या, लूट, अपहरण व डकैती शामिल हैं। सोनू के आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल पीएलएफआई अपने संगठन विस्तार के लिए कर रहा था। आर्म्स सप्लायर के रूप में वह ढेरों हथियार पीएलएफआई को सप्लाई कर चुका है।
इसके एवज में मोटी रकम उसे मिली है। वह सीधे पीएलएफआई के बड़े नामों से संपर्क में था। सोनू की गिरफ्तारी से नया खुलासा हुआ है कि अब पीएलएफआई बिहार के अपराधियों से नजदीकियां बढ़ा रहा है।
दहशत कायम कर लेवी वसूलना था लक्ष्य
30 मार्च 2015 को बहादुरपुर में हुए विस्फोट के बारे में विक्की ने पुलिस को बताया है कि राजधानी में दहशत कायम कर लेवी वसूलने के उद्देश्य से पीएलएफआई अपना संगठन विस्तार करने में जुटी है। कई गिरफ्तारियों के बावजूद संगठन अपना विस्तार लगातार कर रहा है।
Source: Bhaskar

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