पटना: भले ही गुरुवार को अधिक तापमान बुधवार के मुकाबले एक डिग्री कम रहा। लेकिन, गर्मी की तल्खी में कोई कमी नहीं आई। सुबह दस बजे से ही 20 से 25 किमी की रफ्तार से चलने वाली गर्म हवा यानी लू सूरज की तीख किरणों के साथ मिलकर कहर बरपाती रही । गुरुवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जो सामान्य से छह डिग्री अधिक था।
मौसम केंद्र की मानें तो आने वाले पूरे सप्ताह में इससे कोई राहत नहीं मिलने वाली है। लू से औरंगाबाद, जहानाबाद, आरा और बिहारशरीफ में चार लोगों की मौत की सूचना है। मौसम केंद्र के निदेशक आशीष कुमार सेन ने बताया कि राज्य के सभी इलाकों में इसी तरह का मौसम बरकरार है। देश का सेंट्रल एरिया और वेस्टर्न रीजन भी गर्म है। गुरुवार को सुबह से ही पारे ने अपनी चाल तेज की दी थी। दिन के साढ़े 11 बजे तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं दिन में कर्इ बार गर्मी 40 डिग्री के पार रही। और, शाम में साढ़े पांच बजे तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यानी गुरुवार को दिन में लगातार छह घंटे तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम केंद्र के निदेशक बताते हैं कि हर बार गर्मी का पीक सीजन 15 मर्इ से लेकर 15 जून तक का होता है। लेकिन इस बार अप्रैल से मध्य से ही गर्मी ने अपने पीक को छू लिया है। जून के 15 तारीख तक ऐसी ही स्थिति रहेगी। यानी इस बार भीषण गर्मी का समय पूरे एक माह बढ़ गया है। मौसम वैज्ञानिक इसका कारण हिन्द महासागर की सतह का बढ़ा हुआ तापमान मान रहे हैं।
ऐसे बढ़ा तापमान
| समय | तापमान |
| सुबह 5:30 बजे | 26.8 |
| सुबह 8:30 बजे | 33.2 |
| दिन के 11:30 बजे | 40.4 |
| दोपहर 2:30 बजे | 41.6 |
| शाम 5:30 बजे | 39.8 |
तापमान डिग्री सेल्सियस में
कई बोरिंग फेल : दस दिनों में दस फीट तक नीचे गया पानी
पारा के 42 पार करते ही धरती तपने लगी है। इससे बीते दस दिनों में शहर के भूजल में दस फीट से अधिक की गिरावट दर्ज की गर्इ है। लगातार भूजल स्तर नीचे जाने से कर्इ बोरिंग फेल हो चुके हैं। जल पर्षद की सभी 102 बोरिंग में पानी फेंकने की क्षमता में कमी आर्इ है। कर्इ जगहों पर पानी की जगह बालू और कंकड़ आ रहा है। जल पर्षद के तकनीकी सहायक विनोद कुमार तिवारी बताते हैं कि अगर इस तरह से जल स्तर गिरता रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है। उन्होंने बताया जल पर्षद लगातार अपनी बोरिंगों में दस फीट का काॅलम पाइप बढ़ा रहा है। ताकि नीचे जा रहे जल स्तर से पानी को निकाला जा सके। प्रति दिन इसकी मानिटरिंग की जा रही है।
नूतन राजधानी के 30 बोरिंग में चार ठप और 14 जगहों की क्षमता आधी : नूतन राजधानी अंचल की 30 बोरिंग में से 14 मोटरों की क्षमता आधी हो गर्इ है। बोरिंग चलाने के बाद मोटर पानी की जगह हवा छोड़ता है। रुक- रुक कर पानी फेंकता है। इससे क्षेत्र को लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नूतन राजधानी के इंचार्ज बताते है कि दिन में आठ घंटे पानी चलाने के बाद भी कर्इ घरों में पानी नहीं पहुंच पाता। इसके अलावा चार जगह अदालतगंज, धोबीघाट, कृष्णापुरी और एएन काॅलेज के पास पानी नहीं आ रहा है।
पटना सिटी में 6 जगहों पर बोरिंग बंद
नूतन राजधानी के अलावा पटना सिटी अंचल में भी पानी की स्थिति और खराब है। जल पर्षद की कुल 29 बोरिंग हैं। इनमें छह जगह नून चौराहा, महुआ गंज, सिटी अस्पताल, तुलसी मंडी, माल सलामी, कटरा पर बोरिंग बालू फेंक रही है। इसके अलावा पटन देवी बोरिंग पर पानी की स्थिति खराब है। पटना सिटी के इंचार्ज बताते है कि इसके अलावा शेष जगहों पर भी पानी फेंकने की रफ्तार कम हो गई है।
लगातार आ रही है शिकायत
लोगों के घरों में लगी बोरिंग भी फेल हो रही है। जल पर्षद बोर्ड में सभी अंचलों में प्रतिदिन दस से अधिक कनेक्शन लेने की शिकायत आ रही है। विनोद तिवारी बताते है कि आम लोग बोरिंग फेल होने से निगम से कनेक्शन लेना चाहते है।
Source: Bhaskar

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