पटना: ‘शराब तस्करी का नया रूट दिल्ली-पटना रेल खंड बन गई है। वीआईपी ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों के जरिए प्रतिबंधित शराब की खेप दिल्ली से पटना पहुंच रही है।’... इस बाबत रेल एसपी को मिले गुप्त इनपुट के बाद रेल पुलिस अलर्ट हो गई थी।
सोमवार की सुबह 5 बजते ही पटना जंक्शन पर रेल डीएसपी (मुख्यालय) एएस ठाकुर आैर थानेदार प्रमोद कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम ने पर घेराबंदी कर ली। फिर 5.20 बजे सबसे पहले पहुंची राजधानी आैर उसके बाद संपूर्ण क्रांति व बिक्रमशिला एक्सप्रेस को चेक करने पर रेल पुलिस का शक यकीन में बदल गया। बोगी के लॉकर (स्टाफ के सामान रखने का छोटा आलमीरा) से लेकर पैंट्रीकार में खाने-पीने के सामान के बीच छिपा कर रखी गई शराब की बोतलें मिलीं। राजधानी एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान बोगी (बी-7) के कोच अटेंडेंट दिलीप साह के लॉकर में तकिया के खोल में लपेट कर रखी शराब की दो बोतलों को देख सभी दंग रह गए।
सभी आरोपी जेल गए, जिन ट्रेनों में बाेतलें मिली हैं उनकी पैंट्रीकार का लाइसेंस रद्द होगा: रेल एसपी
पटना जंक्शन पर राजधानी, संपूर्ण क्रांति आैर विक्रमशिला एक्सप्रेस में छापेमारी के दौरान शराब की 15 बोतलें बरामद होने पर गिरफ्तार किए गए पेंट्रीकार मैनेजर व अन्य आरोपियों के खिलाफ पटना जंक्शन रेल पुलिस थाने में उत्पाद अधिनियम की धारा 47(ए) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। रेल एसपी जितेंद्र मिश्र ने बताया कि पेंट्रीकार या ट्रेन के अन्य स्टाफ के जरिए प्रतिबंधित शराब की तस्करी का मामला गंभीर है। संबंधित पेंट्रीकार का लाइसेंस कैंसिल करने के लिए रेल प्रशासन को लिखा जाएगा। गिरफ्तार किए गए आरोपी स्टाफ के बारे में हर पहलू पर पता लगाया जा रहा है।
रेल थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे दिल्ली में विभिन्न ब्रांडों की विदेशी शराब की बोतल खरीद कर ट्रेन में छिपा कर पटना लाते थे। यहां लोकल स्तर पर पर शराब की बोतल की कीमत से तीन से चार गुनी अधिक दाम पर बेची जाती थी। बहरहाल रेल पुलिस आरोपियों के लोकल कनेक्शन व नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
Source: Bhaskar

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