पटना: बीपीएससी परीक्षा के स्वरूप में बदलाव करेगा। 60वीं से 62वीं सम्मिलित संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा नए स्वरूप के आधार पर लेगा। यूपीएससी जिस प्रकार सिविल सेवा परीक्षा के साथ-साथ ग्रुप बी की परीक्षा का आयोजन करता है, उसी प्रकार बीपीएससी भी बहाली की प्रक्रिया शुरू करेगा। ग्रुप वन में पूर्व से चल रहे विभागों में नियुक्ति की प्रक्रिया चलेगी। वहीं ग्रुप बी में आठ नए विभागों को जोड़ने की योजना है।
रिक्तियों का विवरण मिलने के बाद परीक्षा का कार्यक्रम इसी माह घोषित हो सकता है। सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग व बीपीएससी के अधिकारियों के बीच इस संबंध में बैठकें चल रही हैं। बुधवार की बैठक में यूपीएससी के ग्रुप बी की तर्ज पर बीपीएससी में भी ग्रुप बी की नियुक्ति करने पर विचार किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर कार्रवाई शुरू की गई है।
आयोग के सचिव प्रभात कुमार सिन्हा ने कहा कि अधिक विभागों के जुड़ने से अभ्यर्थियों को एक साथ कई ऑप्शन होंगे। वे राज्य सिविल सेवा के साथ-साथ अन्य ऑप्शन का चुनाव एक ही परीक्षा के आधार पर कर पाएंगे। इससे अभ्यर्थियों का खर्च भी बचेगा।
समान योग्यता वालों के लिए एक परीक्षा
सरकार एक समान योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए एक परीक्षा की योजना पर काम कर रही है। स्नातक स्तरीय योग्यता वालों के लिए संयुक्त परीक्षा होगी। शारीरिक योग्यता की जांच वाले विभागों की परीक्षा का आयोजन केवल बीपीएससी की ओर से नहीं कराया जाएगा।
अगली बार से 900 अंकों की ली जाएगी परीक्षा
बीपीएससी अगली बार से 900 अंकों की परीक्षा लेगा। 100 अंकों का हिंदी का पेपर ऑप्शनल होगा। अभी 1200 अंकों की परीक्षा होती है। नए प्रस्ताव के आधार पर 100 अंकों की हिंदी में क्वालिफाइंग अंक 30 होगा। 300-300 अंकों का सामान्य अध्ययन का दो पेपर और चुने गए विषय का 300 अंकों का एक पेपर होगा। मतलब, केवल चार पेपर की परीक्षा होगी। अभी छह पेपर की होती है।
Source: Bhaskar

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