अररिया/पूर्णिया: राज्य सरकार ने सीमा पार से आने वाली शराब को रोकने का ठोस इंतजाम किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा-यह काम भारत नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी करेगी। हमने एसएसबी को सीमा के 5 किलोमीटर क्षेत्र में पुलिसिंग का अधिकार दिया है।
वे बुधवार को पूर्णिया में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। तीन एजेंडों पर बात हुई-शराबबंदी, 7 निश्चय व लोक शिकायत निवारण कानून का कार्यान्वयन। बैठक में पूर्णिया के डीएम ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया-सर, कोरेक्स और डेंड्राइट को मादक पदार्थ की श्रेणी में शामिल कराएं। दालकोला चेकपोस्ट पर फुल बॉडी स्कैनर लगे। बीएमपी की एक कंपनी तैनात हो।
मुख्यमंत्री ने ऐसे कई और मसलों पर विचार करने की बात कही। नीतीश ने सीमांचल (अररिया, पूर्णिया) की अपनी यात्रा को शराबबंदी को ईमानदार तरीके से कार्यान्वित कराने पर केंद्रित रखा। उन्होंने इसके बारे में लोगों से अपील की, जीविका की महिलाओं को हाथ जोड़कर आभार प्रकट किया, तो अफसरों को निर्देश दिए।
फणीश्वरनाथ रेणु की 39 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में नीतीश ने शराबबंदी के कारणों और अब तक के सुपरिणामों की व्यापक चर्चा की। कहा-भले सरकार को चार हजार करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है परन्तु कुछ ही दिनों में जो फायदे दिखे हैं, उसके आगे रुपयों का कोई मतलब नहीं है।
अब तो दूसरे राज्यों में भी शराब बंद करने की मांग उठने लगी है। कर्नाटक में करुणानिधि और तमिलनाडु में जयललिता ने सत्ता में आने पर शराब को बंद करने की घोषणा की है। झारखंड में शराबबंदी को लेकर आवाज उठने लगी है। बिहार ने देश को नई रोशनी दी है। महात्मा गांधी, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, कर्पूरी ठाकुर ने भी शराबबंदी की बात कही थी।
जार्ज ने कहा था कि भाषण के बाद गरम पानी पीना
नीतीश बोले-मैं जार्ज फर्नांडीस की नसीहतों को अब भी मानता हूं। मुस्कुराते हुए कहा-उन्होंने भाषण के बाद गरम पानी पीने को कहा था। मैं ऐसा कर ही रहा था कि महिलाओं ने शराबबंदी की मांग कर दी। मैंने इसे पूरा किया।
Source: Bhaskar

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