औरंगाबाद: लेवी में छूट के लिए ठेकेदार नक्सलियों के साथ मिल गया और इलाके को दहलाने की साजिश रच दी। वह बसपा का प्रदेश महासचिव भी है। समय रहते इसकी भनक पुलिस को लग गई, जिसके बाद साजिश को नाकाम कर दिया गया। पुलिस ने सड़क में सिलेंडर बम लगाने के आरोप में बसपा के प्रदेश महासचिव सह ठेकेदार कौशल सिंह समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर देशद्रोह का केस...
गिरफ्तार लोगों में औरंगाबाद के कुंडा निवासी बसपा नेता के अलावा सड़क निर्माण कंपनी के मुंशी देव थाने के खड़गा बिगहा निवासी गणेश यादव, मंझौली निवासी नागदेव यादव, कमलेश, ब्रजकिशोर व जीतेन्द्र कुमार शामिल हैं। एसपी बाबू राम ने बताया कि नक्सली नेता संदीप यादव, नितेश, उदय, कुंदन, हिरामण व नवल यादव समेत 30 अज्ञात नक्सलियों की मौजूदगी में ठेकेदार कौशल सिंह के इशारे पर उनकी सड़क निर्माण कंपनी के मुंशी व जेसीबी के ऑपरेटर सहित उनके पांच कर्मियों ने रात में जेसीबी के माध्यम से सिलेंडर बम प्लांट किये थे।
बम बरामदगी के बाद पुलिस के गिरफ्त में आये सड़क निर्माण कंपनी के मुंशी गणेश यादव ने परत दर परत राज खोल दिया। जिसके बाद पुलिस ने ठेकेदार सह बसपा नेता को गिरफ्तार कर लिया।
तीन बार लड़ चुका है विधानसभा चुनाव
पुलिस के हत्थे चढ़े बसपा नेता कौशल सिंह तीन बार औरंगाबाद सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वे सबसे पहले 2005 में निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे। फिर 2010 में बसपा का दामन थामा और चुनाव लड़े। 2015 के विधानसभा चुनाव में भी किस्मत आजमाया। हालांकि चुनाव के मैदान में कभी सफलता नहीं मिली। ठेकेदारी में कौशल सिंह एक बड़ा नाम है।
सीआरपीएफ कैंप व थाना पास में, इसलिए नक्सलियों ने ठेकेदार को मिलाया
एसपी ने बताया कि देव-मदनपुर रोड में पूर्णाडीह व जलवन गांव के बीच निर्माणाधीन सड़क को दो सौ मीटर खोद कर सिलेंडर बम प्लांट करना सड़क निर्माण के ठेकेदार को मिलाए बिना असंभव था, क्योंकि जिस जगह से छह सिलेंडर बम बरामद किए गए हैं, वहां से कुछ ही दूरी पर सीआरपीएफ कैंप व मदनपुर थाना है। दूसरी ओर आजन पुलिस पिकेट है। ऐसे में नक्सली खुद बम प्लांट नहीं कर सकते थे, क्योंकि इस रास्ते से पुलिस का आना-जाना लगातार होता है।
नक्सलियों की डायरी में था कौशल का नाम
एसपी बाबू राम ने बताया कि पिछले साल ढिबरा थाना के धाबी में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर हुआ था। घटनास्थल से कई सामानों के साथ नक्सली साहित्य भी बरामद हुए थे, जिसमें नक्सलियों की लेवी वाली डायरी में कौशल सिंह का नाम दर्ज था।
इसके बाद हाल में हुए ढिबरा थाना के बांध गौरेया जंगल में हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में मारे गये चार नक्सलियों के बाद वहां से भी कई सामान बरामद हुए थे। उसमें भी कौशल सिंह के द्वारा नक्सलियों को लेवी के तौर पर लगभग 35 लाख रुपये दिये जाने के सबूत मिले थे, जिसके बाद पुलिस के रडार पर बसपा नेता कौशल सिंह आ गये थे।
Source: Bhaskar

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