पटना/मोकामा: एक मालगाड़ी में कोयला लदा था, उसके चार वैगन में आग लग गई, ट्रैक की दोनों तरफ दहकता कोयला गिर रहा था, दर्जनभर झोपड़ियां जलीं, कई यात्री ट्रेनों का परिचालन रोकना पड़ा... लेकिन यह बर्निंग मालगाड़ी रुकी नहीं, 125 किमी तक दौड़ती रही। आग और विकराल होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन रेल प्रशासन ने इसकी चिंता नहीं की। उसे यूं ही जाने दिया गया। मंजिल पर पहुंचने के बाद ही आग बुझी।
यह मालगाड़ी ओडिशा से कोयला लेकर बाढ़ एनटीपीसी के लिए चली थी। शनिवार की रात झाझा में ही उसके दो वैगन में आग लग गई। वहां आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन नीचे की आग नहीं बुझी। नतीजा यह हुआ कि धीरे-धीरे यह आग चार वैगन में फैल गई। रविवार को यह उसी हालत में बाढ़ एनटीपीसी पहुंची। रेलवे ट्रैक के दोनों किनारों पर दहकता कोयला गिरता गया, जिससे दर्जनभर से अधिक झोपड़ियां जल गईं।
हटिया-पटना पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, झाझा पैसेंजर सवारी सहित कई ट्रेनों का परिचालन बाधित हुआ। शिवनार हॉल्ट, मोर स्टेशन, मेकरा हॉल्ट पर मौजूद यात्री सहम गए। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए कई यात्रियों ने यात्रा रद्द कर दी। पटना सब्जी पहुंचाने वाले किसान और व्यापारी भी लौट गए। रेल प्रशासन चाहता तो मालगाड़ी को कहीं पर रोककर आग को बुझाया जा सकता था, लेकिन रेल कंट्रोल ने मालगाड़ी को सीधे बाढ़ एनटीपीसी पहुंचाने का निर्देश दिया। एनटीपीसी आने के बाद दमकल से आग पर काबू पाया गया।
उच्च श्रेणी के थे वैगन
इस मालगाड़ी के सभी वैगन ज्यादा लोड वहन करने की क्षमता के थे। जिन वैगन में आग लगी, वे एनएचएल श्रेणी के थे। इस श्रेणी के वैगन में 57.5 टन कोयला लादा जा सकता है। आम डिब्बों में लगभग 48 टन कोयला लादा जाता है।
मंजिल पर पहुंची, तभी बुझी आग
बड़हिया और रामपुर डुमरा स्टेशनों के बीच जलालपुर हॉल्ट के पास आग लगने से रामजी तांती, अरविंद ठाकुर, विजय राम, अरविंद राम, गोरे राम, नारायण तांती, प्रह्लाद तांती, जयराम राम आदि की झोपड़ियां जल गईं। जयराम राम की एक दुधारू गाय भी जल गई। जलालपुर निवासी मणि पहलवान और मुकेश सिंह ने बताया कि मालगाड़ी से कोयले के जले टुकड़े गिरने से आग लगी।
बरहपुर हॉल्ट, मोर, मेकरा, मरखाबाद हॉल्ट, पंडारक स्टेशन और सुल्तानपुर गांव के पास भी रेल ट्रैक के किनारे झोपड़ियों और सूखी झाड़ियों में आग लग गई। मरांची और हाथीदह में भी ग्रामीणों की झोपड़ियां खाक हुईं। मोकामा स्टेशन के पास झाड़ियों में लगी आग को सीआरपीएफ से टैंकर मंगवाकर बुझाया गया। आग की लपटें 20 फीट से ऊंची हो गई थीं।
रेल अधिकारियों की लापरवाही
बाढ़ एसडीएम सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि रेल अधिकारियों की लापरवाही से यह घटना हुई है। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। जहां-जहां आग लगने की सूचना मिली, दमकल की गाड़ियों से काबू पा लिया गया।
रेल कंट्रोल से नहीं मिली सूचना
पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ अरविंद कुमार रजक ने बताया कि रेल कंट्रोल ने मालगाड़ी के वैगन में आग लगने की सूचना नहीं दी। पता चला कि मनकट्ठा के पास झाड़ियों में आग लगी थी।
Source: Bhaskar

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