पटना: जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि देश में जाति व्यवस्था को तोड़ने के लिए अंतरजातीय विवाह करने वालों को सरकारी और प्राइवेट नौकरी में आरक्षण दिया जाए। केंद्र सरकार इस संबंध में विधेयक संसद में लाए, जदयू उसका समर्थन करेगा। शनिवार को जदयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी देश में बढ़ती आर्थिक और सामाजिक विषमता के खिलाफ अभियान चलाएगी।
भाजपा के लोग आजकल डॉ. भीमराव अांबेडकर का गीत गा रहे हैं, लेकिन उनलोगों को अांबेडकर की नीतियों से कोई लेना-देना नहीं है। वे तो दलितों को गुमराह करना चाहते हैं। शरद ने कहा कि जदयू देश में बढ़ती आर्थिक विषमता और सामाजिक विषमता के खिलाफ अभियान चलाएगा। हमारा समाज जाति के कठघरे में बंद है। इसको तोड़ना होगा। जब-जब सामाजिक विषमता की बात होती है, तमाम राजनीतिक दल बंट जाते हैं। केंद्र सरकार ने हर खेत को पानी देने का वादा किया था लेकिन देश के 11 राज्यों में सूखा पड़ा है।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि देश के सामने संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पहली बार सामने मुखौटा लगाकर पर्दे के पीछे से कोई और ही सरकार चला रहा है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक स्थिति है। कार्यक्रम का संचालन जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने किया।
बैठक में कर्नाटक के रामदेव गौड़ा, मुंबई के मजदूर नेता शशांक राव, मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, विजेंद्र प्रसाद यादव, राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक, राज्यसभा सांसद रामचंद्र प्रसाद सिंह, पवन वर्मा, हरिवंश, गुलाम रसूल बलियावी, एमएलसी डॉ. रणवीर नंदन, नीरज कुमार, संजय कुमार सिंह गांधी, मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह, प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद, डॉ. अजय आलोक, नवल शर्मा, महासचिव रविंद्र सिंह, डॉ. नवीन आर्या, अनिल कुमार, लोक प्रकाश सिंह उर्फ पंपू सिंह, नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव अनिल पाठक, युवा जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह सेतु और जदयू नेता प्रभात झा भी मौजूद थे।
नीतीश को पहनाई गई 501 किलो की माला
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद उनको 501 किलोग्राम की माला पहनाई गई। नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव छोटू सिंह और खाद्य आयोग के सदस्य नंदकिशोर कुशवाहा ने यह माला तैयार कराई थी। जदयू के दो दर्जन कार्यकर्ता इस माला को लेकर मंच पर आए। नीतीश जिंदाबाद के नारे के बीच यह माला मुख्यमंत्री को पहनाई गई। इससे पहले पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री को मखाना की माला पहनाई गई।
राजनीतिक प्रस्ताव में केंद्र पर लगाए आरोप
जदयू की राष्ट्रीय परिषद ने केंद्र की नमो सरकार पर देश को तोड़ने की साजिश करने का आरोप लगाया है। शनिवार को राजनीतिक प्रस्ताव में यह आरोप लगाया गया है कि आजादी के बाद किसी भी सरकार ने इस कदर सामाजिक ताना-बाना को जान-बूझ को नहीं तोड़ा था। लव जेहाद और बीफ पॉलिटिक्स को जानबूझ कर भड़काया गया है।
भाजपा नेताओं द्वारा भड़काऊ बयान देकर समाज को नफरत और हिंसा के आधार पर बांटने की साजिश हो रही है। परिषद ने बिहार समेत देश के सभी पिछड़े राज्यों के लिए विशेष राज्य दर्जे की मांग की। पार्टी का मानना है कि इससे क्षेत्रीय तौर पर विकास में समानता आएगी। बिहार में औद्योगिक और निर्माण क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ ही नौकरियों का सृजन हो। परिषद ने भाजपा पर विशेष दर्जा के वादे से पलटने का आरोप लगाया।
Source: Bhaskar

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