गोपालगंज: राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा कि जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव का राजनीतिक करियर अब समाप्त हो गया है। जदयू के संविधान में ही था कि वे आगे राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बन सकते, इसलिए उन्होंने नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव किया। लालू प्रसाद सोमवार को गोपालगंज के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे। अब रिटायर्ड हो गए हैं शरद यादव...
उन्होंने कहा कि शरद जी के काम को नीतीश कुमार अब आगे बढ़ाएंगे। शरद यादव अब रिटायर्ड हो गए हैं। जब तक जदयू के लोग अपने संविधान में फेरबदल नहीं करते, तब तक दोबारा ऐसा नहीं हो सकता है। नीतीश कुमार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। उन्होंने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में जदयू और मजबूत होगा। इससे सरकार का भी काम होगा और पार्टी भी मजबूत होगी।
'90 दिन भी शरद को बर्दाश्त नहीं कर पाए नीतीश'
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बताना चाहिए कि वे शरद यादव को 90 दिन भी बर्दाश्त करने के लिए क्यों तैयार नहीं थे? पार्टी अध्यक्ष बनने की इतनी क्या जल्दी थी कि शरद यादव का कार्यकाल 3 माह बचा होने के बावजूद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की आपात बैठक में उनसे आंसू भरा इस्तीफा लेना पड़ा? नीतीश कुमार ने जदयू को जिस तरह हाईजैक किया है, उससे लालू प्रसाद को भी बेचैनी होगी।
वे अच्छी तरह जानते हैं कि जो नीतीश जॉर्ज और शरद यादव के नहीं हुए और जिन्होंने 17 साल तक साथ रहने के बावजूद भाजपा को धोखा दिया, वे लालू प्रसाद को भी छोड़ सकते हैं। लालू प्रसाद केवल सजायाफ्ता होने की मजबूरी में नीतीश कुमार के साथ हैं। मोदी ने कहा कि बिहार से बाहर जदयू का कोई जनाधार नहीं होने के बावजूद नीतीश कुमार केवल हवाबाजी कर रहे हैं।
Source: Bhaskar

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