बिहार में शराब बेचने के लिए यूपी बॉर्डर पर दुकान खोलेंगे माफिया

Mafia will open shop at up border for sell liquor in Bihar

Liquor ban in Bihar

पटना: बक्सर जिले से सटे यूपी बॉर्डर पर शराब की दुकानें खुलेंगी आैर बिहार में चोरी-छिपे बेची जाएगी। बीते एक अप्रैल से बिहार में शराबबंदी के बाद दोनों राज्यों के शराब माफिया इसी ताक में है।
यूपी के आबकारी (एक्साइज) विभाग ने गाजीपुर जिले के चार गांव (कुतुबपुर, देवल, परेजी व बेलचा) में देसी शराब की दुकान खोलने का लाइसेंस भी दे दिया है।
हालांकि यूपी के गांव वाले ही इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं और दुकान नहीं खोलने दे रहे हैं। गांव वालों ने यूपी के मुख्यमंत्री से लेकर गाजीपुर जिला प्रशासन तक को लाइसेंस कैंसिल करने का ज्ञापन दिया है। 17 को बारा गांव में 30 गांव की ‘महापंचायत’ बुलाई गई है। इसमें सभी ग्राम प्रधान शामिल होंगे।

दो नदियों के चलते आसान है तस्करी

जिन चार गांवों को लाइसेंस दिए गए हैं वे बक्सर से सटे गंगा व कर्मनाशा नदी के किनारे बसे हैं। एक तरफ बिहार तो दूसरी ओर यूपी के गांव हैं। इसी का फायदा उठा कर नदी व रोड से बक्सर व आसपास में शराब की तस्करी की याेजना है। सूत्रों के मुताबिक लाइसेंस से लेकर दुकान खोलने में बक्सर के शराब माफिया मोटी पूंजी लगा रहे हैं।

माफिया को राजनीतिक संरक्षण

शराब माफिया को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है। इसलिए वैसे गांवों में दुकान खोलने का लाइसेंस ले लिया, जहां पहले थी ही नहीं। गाजीपुर के डीईओ (जिला आबकारी पदाधिकारी) राजेंद्र प्रसाद भी माफिया से मिले हैं। जिला पंचायत सदस्य जमाल खान ने आरोप लगाया कि विरोध करने वालों पर डीईओ राजस्व को क्षति पहुंचाने की तोहमत लगा रहे हैं और लाइसेंस रद्द करने के लिए 20 लाख जमा करने को कह रहे हैं।

इधर, नेपाल बॉर्डर की दुकानों में दोगुनी बिक्री

भारत-नेपाल सीमा पर नेपाली कस्टम के पास पहले से 24 शराब दुकानें हैं। यहां बिक्री दोगुनी हो गई है। कंपनियों ने उत्पादन भी बढ़ा दिया है। बगहा के सीमावर्ती गांवाें में भी खुल रहीं दुकानें : मधुबनी प्रखंड में बांसी नदी के उस पार यूपी का बांसी करमहिया गांव है। एक हफ्ते पहले बिहार सीमा से महज 20 मीटर की दूरी पर यूपी आबकारी विभाग ने शराब की दुकान खोल दी। सीमावर्ती क्षेत्रों में कई अन्य दुकानें भी खोली गई हैं।

नवादा की देवौर घाटी बन रही शराब मंडी
देवौर घाटी में सीमा से 500 गज की दूरी पर झारखंड के कालीमंडा में शराब की दुकान खुल रही है। तीन दिन पहले यहां बस से शराब ला रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। यहां के शराब कारोबारी नक्सलियों के संपर्क में भी हैं।

माफिया ने दिया 50 लाख का ऑफर

गाजीपुर भदौरा जिला पंचायत सदस्य जमाल खान ने बताया कि यूपी में दुकान अलॉट करवा बिहार में शराब बेचने की तैयारी कर रहे हैं माफिया, पर ऐसा नहीं होने देंगे। शराब हराम है। माफिया ने 50 लाख का ऑफर देने की कोशिश की।
Source: Bhaskar
Labels:

Post a Comment

Incredible Bihar

(c) All right reserved by Incredible Bihar

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget