पटना: राज्य सरकार ने पहले प्राथमिक, फिर माध्यमिक शिक्षा की स्थिति को सुधारा, अब उच्च शिक्षा पर काम हो रहा है। अभी राज्य में उच्च शिक्षा में ग्रॉस इनरोलमेंट रेशियो मात्र 13 फीसदी है। इसे बढ़ाकर 50 फीसदी करने की योजना है।
एडवांटेज कॉन्क्लेव बिहार 3.0 उम्मीद की उड़ान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इसके लिए सरकार के सात निश्चय के तहत स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की जा रही है। यह दो अक्टूबर से जिलों में शुरू हो जाएगी। 15 सितंबर से इसका ट्रायल होगा। जिला स्तर पर निबंधन कार्यालय बनेंगे। वहां विद्यार्थी क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन देंगे। आवेदनों के आधार बैंक व अभ्यर्थियों के साथ बैठक कर स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके आधार पर अभ्यर्थियों को चार लाख तक का ऋण उच्च शिक्षा के लिए दिया जाएगा।
सीएम ने कहा कि हमारे सात निश्चय पर कुछ लोग हंसते हैं। साइकिल योजना की शुरुआत में भी इसी प्रकार की बात हुई थी। अब यह कितना सफल है, सब देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के महज चार फीसदी घरों में नल के पानी की सप्लाई होती है। सभी प्रस्तावित योजनाओं को मंजूर कर दिया जाए तो भी 22 फीसदी घरों में नल का पानी पहुंचेगा। इसके बावजूद हमने निश्चय किया है कि पांच साल में राज्य के सभी घरों में पाइपलाइन से सप्लाई होगी। उन्होंने कहा कि हम जन भागीदारी से इन सभी योजनाओं को पूरा कराएंगे। शराबबंदी पर भी सीएम ने दृढ़ता दिखाते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में लोगों को शराब पीने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जिन बार व होटलों को इसके लिए लाइसेंस जारी किए गए थे, उन्हें इसकी राशि लौटाई जाएगी।
अगर कहीं शराब की खेप की सप्लाई हुई है, तो उसे वापस लिया जाएगा। उसकी राशि लौटा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अब दूसरे राज्य के लोग यह दावा करते हैं कि बिहार अगर यह कर सकता है, तो हम क्यों नहीं? अब बिहार ने पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी, दूसरे भी इसे लागू कर दिखाएं। सीएम ने इवेंट मैनेजमेंट की भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इवेंट मैनेजमेंट की भूमिका तब बढ़ जाती है जब जनता से किए वादों को पूरा कर पाने में लोग कामयाब नहीं होते।
जगाई आशा की किरण
डाॅ. एए हई ने कहा कि सीएम ने अल्कोहल पर पूर्ण बैन लगाकर आशा की किरण जगाई है। अगर इसे सही तरीके से लागू कराने में कामयाब हो जाते हैं, तो वे अमर हो जाएंगे। वरिष्ठ पत्रकार शशि शेखर ने कहा कि पहले बिहार में शराब की दुकानें अधिक व दूध की कम दिखती थीं, अब तो स्थिति बदल रही है। उन्होंने कहा कि बिहार से अमूल की तर्ज पर सहकारिता आंदोलन पनपे तो आश्चर्य नहीं होगा। अतिथियों का स्वागत करते हुए एडवांटेज ग्रुप के सीईओ व संस्थापक खुर्शीद अहमद ने कहा कि राज्य के विकास के लिए समाज के सभी तबकों को आगे आकर प्रयास करने की जरूरत है। पीआरसीएआई के अध्यक्ष नितिन मंत्री व ईईएमए के अध्यक्ष सब्बास जोसेफ ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मौके पर वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश भी मौजूद थे।
बिहार की 10 प्रतिभाएं हुईं सम्मानित
एडवांटेज कॉन्क्लेव के तहत बिहार में विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहीं 10 हस्तियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर मौजूद पटना हाईकोर्ट के जस्टिस समरेंद्र प्रताप सिंह, जस्टिस अजय त्रिपाठी और जस्टिस अंजना प्रकाश ने इन सभी विभूतियों को सम्मानित किया।
Source: Bhaskar

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