मुजफ्फरपुर: जिले में वाटर इमर्जेंसी के हालात बन गए हैं। पूरा मुजफ्फरपुर जिला जल संकट की जद में है। भूजल स्तर हर तरफ गिरा है। कई इलाकों में स्तर 32 फीट तक नीचे चला गया है। अब खुद जिलाधिकारी ने भी यह माना है। उन्होंने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के कार्यपालक अभियंता (ईई) को तत्काल पेयजल संकट दूर करने के उपाय का आदेश दिया है।
कहा है कि जहां कहीं से भी पानी की कमी की सूचना आए, वहां तत्काल टैंकर से पानी पहुंचाया जाए। साथ ही सभी चापाकलों की मरम्मत कराने को भी कहा है। डीएम ने यहां तक कहा है कि यदि कहीं निजी चापाकल खराब पड़े हों और उसकी मरम्मत से लोगों को लाभ मिले, तो उसे भी सरकारी मद से दुरुस्त कराया जाए।
दैनिक भास्कर ने शनिवार को पूरे जिले में गंभीर जल संकट की खबर प्रकाशित की थी। उसी के बाद डीएम धर्मेंद्र सिंह ने विभागीय बैठक ली। उन्होंने कहा कि कई नदियों के साथ ही तालाब और तलैया भी सूख चुके हैं। डीएम ने माना जिले की 385 पंचायतों के अधिकतर गांवों में स्थिति खराब है।
आधी रात से जागने लगते हैं लोग, फिर भी...
ग्रामीण इलाकों में चापाकल बंद हो गए हैं। नदी, तालाब और कुएं सूख चुके हैं या सूख रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में देर रात से अलस्सुबह तक ही मोटर से भी पानी निकल पाता है। लोगों को आधी रात में ही जागना पड़ता है। अधिकतर इलाकों में सबमर्सिबल और बोरिंग से पानी निकलना कम हो गया है। कई जगहों पर बोरिंग व सबमर्सिबल भी फेल हो चुकी है।
सकरा, बंदरा, कुढ़नी अौर मुरौल बेहाल
जिला मुख्यालय को प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, सकरा, बंदरा, कुढ़नी और मुरौल प्रखंडों में स्थिति बदतर है। सकरा में पहले से ही टैंकर से पानी पहुंचाना पड़ रहा है। बाकी तीनों प्रखंडों में भी यही हाल है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अन्य प्रखंडों में भी मार्च माह में ही भू-जलस्तर 30 से 32 फीट तक नीचे चला गया था। डीएम ने सभी खराब और सूख रहे चापाकलों की मरम्मत कराने का आदेश दिया है।
इधर, 4 पाइप लाइन इंस्पेक्टर का वेतन रुका : जल संकट को लेकर शनिवार को नगर निगम में जल कार्य शाखा की समीक्षा बैठक हुई। इसमें लापरवाही पाए जाने पर चार पाइप लाइन इंस्पेक्टरों के वेतन रोकने का आदेश दिया गया। मेयर वर्षा सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में अनिल प्रसाद, धर्मेंद्र चौधरी, डार्विन कुमार व सत्येंद्र प्रसाद सिंह भी थे। मेयर ने कहा कि शहर के हर मोहल्ले में पूर्व में चयनित योजना के अनुसार जल्द पाइप लाइन बिछाने का काम हो। निगम क्षेत्र में खराब पड़े चापाकलों की तत्काल मरम्मत का भी निर्णय हुआ।
इंडिया मार्क 3 चापाकल के लिए मिले 58 लाख
पेयजल योजना के तहत पीएचईडी को 58 लाख मिले हैं। इसके तहत इंडिया मार्क 3 चापाकल लगाए जाने हैं।
ये हैं खूबियां
- कम समय में कम ताकत लगाने से ही ज्यादा पानी देता है।
- 15 से 45 मीटर तक की गहराई में भी अच्छा पानी देता है।
- अपनी सुविधानुसार पीवीसी या स्टील पाइप के सहारे भी लगा सकेंगे।
- सिलेंडर और चेन सिस्टम वॉशर होने के कारण मरम्मत भी है आसान।
- 1.17 मीटर का हैंडल होने सा 40 बार दबाने पर 17 लीटर पानी निकालना सरल।
- 15 से 45 मीटर तक की गहराई में भी अच्छा पानी देता है।
- अपनी सुविधानुसार पीवीसी या स्टील पाइप के सहारे भी लगा सकेंगे।
- सिलेंडर और चेन सिस्टम वॉशर होने के कारण मरम्मत भी है आसान।
- 1.17 मीटर का हैंडल होने सा 40 बार दबाने पर 17 लीटर पानी निकालना सरल।
Source: Bhaskar

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