पटना: राज्य के सरकारी स्कूलों में नौवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे करीब 20 लाख विद्यार्थियों का विवरण राज्य सरकार तैयार करेगी। विद्यार्थियों के कमजोर व मजबूत पक्ष को देखा जाएगा। इसके लिए सरकार ने नौवीं कक्षा का एक साथ पूरे प्रदेश में एसेसमेंट कराने की योजना बनाई है। शिक्षा विभाग ने 28 से 30 मार्च के बीच टेस्ट लेने की योजना बनाई थी। विभाग ने इस परीक्षा को स्थगित कर दिया था। हालांकि, इसके बाद विधानमंडल में यह मामला जोरदार तरीके से उठा। शिक्षामंत्री का आश्वासन था कि दसवीं कक्षा का सत्र एक अप्रैल से शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन, विभाग ने स्कूलों को इस संबंध में अनुमति नहीं दी। अब पहले परीक्षा होगी, फिर बच्चे 10वीं कक्षा में प्रमोट किए जाएंगे।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने नौंवी कक्षा की परीक्षा अप्रैल में ही लेने की योजना बनाई है। तीन दिनों में छह पाली में परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस परीक्षा के आधार पर विद्यार्थियों की योग्यता का आकलन किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सरकार ए ग्रेड देगी। औसत दर्जे के छात्रों को बी ग्रेड और पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन न कर पाने वालों को सी ग्रेड दिया जाएगा। सरकार नौवीं कक्षा में पढ़ाने वाले सभी 20 लाख बच्चों का रिपोर्ट कार्ड रखेगी। बेहतर विद्यार्थियों को सरकार की ओर से शैक्षणिक सुविधाएं पूर्व की तरह दी जाएंगी। उन्हें जिस विषय में परेशानी होगी, उस विषय के लिए स्कूलों में अलग से कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। वहीं, औसत विद्यार्थियों के लिए अलग से कक्षाएं आयोजित होंगी। उनके कमजोर विषयों की पहचान कर उसकी विशेष तैयारी कराई जाएगी।
सी ग्रेड वालों पर होगी विशेष नजर
सी ग्रेड पाने वाले विद्यार्थियों पर सरकार की पूरी नजर रहेगी। उनके लिए लगातार विशेष कक्षाओं का आयोजन होगा। हर माह एसेसमेंट टेस्ट देना होगा। इसमें उनके कमजोर पक्ष को देखा जाएगा। ऐसे छात्रों को विषय में बेहतर करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही, संबंधित विषय के शिक्षकों को आसान तरीके से विषय के बारे में ऐसे छात्रों को समझाने के लिए कहा जाएगा। विभाग का कहना है कि कमजोर छात्रों से बेहतर प्रदर्शन कराना ही मुख्य मकसद है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सरकार की ओर से यह योजना तैयार की गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने तैयारियां शुरू कर दी है। निदेशक राजीव प्रसाद सिंह रंजन ने कहा कि हर छात्र की कमियां अगर हमारे पास होंगी तो उन्हें किस प्रकार तैयारी करानी है, तय किया जा सकेगा।
मैट्रिक परीक्षा की तैयारी कराने में होगी आसानी
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने कहा कि नौवीं परीक्षा में किसी भी परीक्षार्थी को रोका नहीं जाएगा। उन्हें बस ग्रेडिंग दी जाएगी। यह ग्रेडिंग उनके 10वीं परीक्षा की तैयारी का आधार होगा। इससे विद्यार्थियों की तैयारी को अंतिम रूप देने में आसानी होगी। उनका रिजल्ट बेहतर करने और सिलेबस को पूरा कराने में कामयाबी मिल जाएगी।
Source: Bhaskar

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