पटना/श्रीनगर: एनआईटी श्रीनगर में जारी तनाव के बीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय का दो सदस्यीय दल बुधवार को यहां पहुंचा और छात्रों व संस्थान के अफसरों के साथ बैठक की। दल के सामने बिहार समेत अन्य राज्यों के छात्रों ने ‘राष्ट्र विरोधी’ गतिविधि में शामिल स्थानीय छात्रों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की।
छात्रों ने सुरक्षा देने व हॉस्टल से सुरक्षित बाहर निकालने की गुहार लगाई। दल में मंत्रालय में निदेशक संजीव शर्मा और उपनिदेशक फजल महमूद हैं। इस बीच छात्रों ने भास्कर को फोन पर बताया कि हमारी कोई सुनने वाला नहीं। पुलिस पीटती है। वहीं एनआईटी के निदेशक रजत गुप्ता व रजिस्ट्रार मीर फेल करने की धमकी दे रहे हैं।
बिहारी छात्रों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि श्रीनगर पुलिस और स्थानीय छात्रों के डर से हम लोग हॉस्टल में छिपे हुए हैं। बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। एसएसपी अमित कुमार, सिटी एसपी, डीएसपी व जेके पुलिस इसके लिए जिम्मेवार हैं। हमारी कोई सुनने वाला नहीं। एनआईटी कैम्पस में अब भी पुलिस तैनात है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने स्थिति को लेकर सीएम महबूबा से बात की। मामले में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इसे समझदारी के साथ निपटाने की जरूरत है। राज्य सरकार इसे ‘बाहरी हस्तक्षेप के बिना’ देखे।
परीक्षाएं होने तक एचआरडी टीम एनआईटी श्रीनगर में रहेगी :
स्मृति ने कहा कि श्रीनगर एनआईटी परिसर में जो घटना हुई, उस पर मैंने सीएम महबूबा मुफ्ती से बात की है। यहां एचआरडी के अधिकारियों की टीम पहुंच गई है। कुछ विद्यार्थियों ने कहा है कि वे घर लौटना चाहते हैं लेकिन वहां परीक्षाएं चल रही हैं। इसलिए जब तक परीक्षाएं चलेंगी तब तक मंत्रालय के अधिकारियों की टीम एनआईटी परिसर में ही रहेगी। पीड़ित छात्रों ने श्रीनगर के एसएसपी, सिटी एसपी, डीएसपी और लाठीचार्ज करने वाले जेेके पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने पर भी जाेर दिया है।
छात्रों के परिजनों ने किया प्रदर्शन
श्रीनगर में पढ़ने वाले छात्रों के परिजनों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के खिलाफ जम्मूू में प्रदर्शन किया। परिजन का आरोप है कि राष्ट्रविरोधी छात्रों पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही, जबकि कैम्पस के राष्ट्रभक्त छात्रों को प्रताड़ित किया जा रहा है। विहिप ने मांग की है कि कॉलेज कैम्पस से जम्मू-कश्मीर पुलिस को हटाया जाए और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की जाए।
जम्मू बंद का आह्वान
उधर, जम्मू विवि के छात्र सुबह सड़क पर उतर आए व एनआईटी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध करने लगे। स्थानीय श्रीराम सेना ने घटना के विरोध में गुरुवार को जम्मू बंद की कॉल दी है। विहिप ने भी कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। विहिप का कहना है कि भारत के पक्ष में नारे लगा रहे छात्रों को पुलिस ने घेरकर पीटा है। जेके हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी हाईकोर्ट, अधीनस्थ न्यायालय और ट्रिब्यूनल में बुधवार को सेकेंड हाफ और गुरुवार को पूरे दिन काम बंद करने का एेलान किया है।
टीम ने छात्रों की बात अकेले में सुनी
एचआरडी के अफसरों से बैठक के दौरान कॉलेज प्रशासन के किसी अफसर को मौजूद नहीं रहने दिया। फिर छात्रों ने मांग रखी कि जिन अफसरों ने लाठीचार्ज का आदेश दिया उन्हें सस्पेंड किया जाए। सबूत के तौर पर वीडियो तथा फोटो भी दिखाए। छात्रों ने एनआईटी को श्रीनगर से शिफ्ट करने की मांग भी रखी।
स्मृति बोलीं-परीक्षा खत्म होने तक कैंपस में रहेगी टीम।
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की हार पर शुरू हुआ रार
31 मार्च को टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की हार पर एनआईटी के कश्मीरी छात्रों ने पटाखे चलाए। इसका बिहारी समेत गैर कश्मीरी छात्रों ने विरोध किया व भारत के समर्थन में नारे लगाए। अगले दिन पटाखे छोड़ने वाले कुछ छात्रों की पिटाई भी कर दी। इसके बाद कैम्पस में तनाव पैदा हो गया। मंगलवार शाम 500 गैर कश्मीरी छात्रों ने रैली निकाली। पुलिस ने रोका तो छात्रों ने पथराव किया। इसके बाद पुलिस के लाठीचार्ज में दो दर्जन बिहारियों समेत 200 छात्र जख्मी हो गए।
डीजीपी बोले-जम्मू-कश्मीर के डीजी ने सुरक्षा का भरोसा दिया
डीजीपी पीके ठाकुर ने जम्मू-कश्मीर के डीजी राजेंद्र कुमार से बात कर बिहार के छात्रों को सुरक्षा देने का अनुरोध किया है। कुमार ने छात्रों को पूरी सुरक्षा देने की बात कही है। साथ ही बताया कि अब वहां स्थिति सामान्य है।
श्रीनगर एनआईटी में हैं 250 बिहारी
- इस तकनीकी संस्थान में करीब 3050 छात्र हैं। इनमें 800 स्थानीय छात्र हैं।
- 2250 छात्र बिहार सहित दूसरे राज्यों के हैं।
Source: Bhaskar

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