पटना: बिना ट्रैवल किए JDU MP ने पेमेंट कराए थे 24 लाख रु., अब ऐसे चलेगा केस

Permission to prosecute on JDU MP for scam of 24 Lac

JDU MP Anil Kumar Sahani

नई दिल्ली/पटना: बिहार से जेडीयू के राज्यसभा सांसद अनिल कुमार सहनी के खिलाफ एयर ट्रेवल किए बिना 24 लाख रुपए का पेमेंट लेने का मामला आया है। इस मामले में स्पीकर हामिद अंसारी ने सीबीआई को उनके खिलाफ केस चलाने की परमिशन दे दी है। राज्यसभा के इतिहास में पहली बार किसी एमपी के खिलाफ सीबीआई को प्रोसेक्यूशन की स्वीकृति दी गई है। छह सांसदों पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी...
- सीबीआई ने सिर्फ सहनी पर पिछले साल 23 अक्टूबर को चार्जशीट दायर की थी।
- सभापति की इजाजत के बाद अब सीबीआई कोर्ट में मामला चलेगा, जहां सहनी भी अपना पक्ष रखेंगे।
- शुरुआती जांच में उनसे पूछताछ हो चुकी है। उधर, जेडीयू सूत्रों ने दावा किया कि पार्टी के सामने यह मामला आएगा तो विचार किया जाएगा।
- वैसे, जदयू के टॉप नेतृत्व ने सहनी को सलाह दी है कि राजनीतिक वैल्यूज का सम्मान करते हुए वे राज्यसभा की मेंबरशिप से इस्तीफा दे दें। 

अनिल सहनी पर क्या है मामला?

- संसद सदस्यों को एक साल में घरेलू यात्रा के लिए हवाई जहाज के 34 टिकट दिए जाते हैं।
- सांसद खुद, परिजन या अन्य के साथ साल में इतनी हवाई यात्रा कर सकते हैं।
- नियम के मुताबिक टिकट के बदले में मिलने वाला धन सांसद के खाते में जमा होता है।
- फिर वह संबंधित एजेंसी को भुगतान करते हैं। सीबीआई की प्रारंभिक जांच में सहनी पर कुल 24 लाख की गड़बड़ी का आरोप है।
- इसमें सहनी के अलावा दो ट्रैवल एजेंट भी अभियुक्त हैं।
- एजेंटों पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी बोर्डिंग पास और हवाई टिकट मुहैया कराया।
- सीबीआई ने टूर आपरेटरों के यहां छापा मारा था। एयरलाइंस और राज्यसभा से दस्तावेज हासिल किए थे।
- नवंबर, 2013 में मामला उजागर करने के दो साल बाद 23 अक्टूबर, 2015 में चार्जशीट दाखिल की गई।
- संसद के इतिहास में इससे पहले लोकसभा के दो सदस्यों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मिली है।
- कांग्रेस सांसद राजाराम पाल और भाजपा सांसद अशोक अरगल पर अभियोजन चल चुका है।
- राज्यसभा सदस्यों में सहनी पहले हैं, जिनके खिलाफ अभियोजन चलेगा।

इस केस में क्या हो सकता है?
- अगर सीबीआई अदालत से सहनी दोषी करार दिए जाते हैं, 2 साल से अधिक की सजा होती है तो उनकी सदस्यता खत्म हो जाएगी।
- रुपए की वसूली के अलावा जुर्माना भी हो सकता है।
- सहनी का राज्यसभा का दूसरा कार्यकाल जुलाई, 2018 तक है।
- सीबीआई में मामला दर्ज होने के बाद गेंद अब सांसद के पाले में है। उन्हें खुद को निर्दोष साबित करना होगा।

मामले को लेकर जेडीयू सांसद ने क्या कहा?
- सांसद सहनी ने कहा कि संसद से कोई भी भुगतान सदस्य के बैंक खाते में आता है।
- हमारे खाते में इस मद से पैसे का भुगतान नहीं किया गया है।
- सच तो यह है कि मैंने ही इसे उजागर किया था। मैं पूरी तरह बेकसूर हूं। यह आरोप एक साजिश है।
Source: Bhaskar
Labels:

Post a Comment

Incredible Bihar

(c) All right reserved by Incredible Bihar

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget