पटना: गुरुवार को सूरज ढलते ही पटना की सड़कों पर भक्तों का उत्साह दिखने लगा। प्रसिद्ध महावीर मंदिर में शुक्रवार को रामनवमी की पूजा करने के लिए लोग न्यू मार्केट की तरफ निकल पड़े। लोग सड़कों पर जय श्री राम... व जय हनुमान... के नारे लगाते चल रहे थे।इस रामनवमी पर बन रहा विशेष संयोग...
- रामनवमी पर इस बार एक साथ कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं।
- शुक्रवार का दिन, चैत मास, शुक्ल पक्ष, रामनवमी तिथि, पुष्य नक्षत्र और कर्क राशि।
- एक साथ चैत शुक्ल रामनवमी पर पुष्य नक्षत्र और कर्क राशि का होना विशेष योग बनाता है।
- मेष राशि में स्वगृही का चंद्रमा एवं मेष राशि के उच्य में सूर्य का रहने से भी एक विशेष योग बन रहा है।
- ज्योतिषाचार्य आचार्य राजनाथ झा के अनुसार भगवान राम का जन्म कर्क लग्न में हुआ था।
- वह समय शुक्रवार को दिन 11.27 बजे से 1.45 बजे तक रहेगा।
- इस अवधि में भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना करना सबसे उत्तम फलदायी होगा।
एक नजर
- पिछले साल 22000 किलो से अधिक नैवेद्यम की बिक्री हुई थी।
- इस बार 20,000 किलो नैवेद्यम बन रहा हैै। 40 लाख से अधिक थी नैवेद्यम की कीमत।
- 30 अतिरिक्त कारीगर तिरुपति से आए हैं।
- 05 लाख से अधिक श्रद्धालु आए थे पिछली बार दिन था शनिवार, इस बार भी 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
- इस बार 20,000 किलो नैवेद्यम बन रहा हैै। 40 लाख से अधिक थी नैवेद्यम की कीमत।
- 30 अतिरिक्त कारीगर तिरुपति से आए हैं।
- 05 लाख से अधिक श्रद्धालु आए थे पिछली बार दिन था शनिवार, इस बार भी 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
गुरुवार शाम से ही जुटने लगी थी भीड़
हाथों में पताका और मन में प्रभु श्री राम व हनुमान जी के प्रति अनुराग का भाव लिए भक्तों का कारवां गुरुवार शाम से ही पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के आसपास जुटने लगा। रात 10 बजे तक तो श्रद्धालुओं का सैलाब पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के इलाके में पहुंच चुका था। मंदिर के स्वयंसेवकों ने पूजा के लिए दर्शनार्थियों की लाइन लगानी शुरू कर दी। महिलाओं व पुरुषों की अलग-अलग कतारें थीं। 12 बजे तक इतने श्रद्धालु आ गए कि महावीर मंदिर से जीपीओ गोलंबर तक लाइन पहुंच गई।
भए प्रकट कृपाला दीन दयाला...
महावीर मंदिर का पट रात दो बजे खुल गया। ढोल-नगाड़े व शंखध्वनि के बीच श्रीराम लला और हनुमान जी की भव्य आरती हुई। इसके साथ ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया। आरती के समय महावीर मंदिर के सचिव आचार्य किशोर कुणाल समेत कई गण्यमान्य लोग मौजूद थे। किशोर कुणाल के अनुसार अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी के बाद रामनवमी के दिन पटना के महावीर मंदिर में श्रद्धालुओं की सबसे अधिक भीड़ होती है। इस बार पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के महावीर मंदिर पहुंचने की उम्मीद है।
गुलजार हुईं सड़कें:श्रद्धालुओं के रात में सड़कों पर उतरने के कारण अधिकतर सड़कें गुलजार रही। बोरिंग रोड, बेली रोड, आशियाना नगर, कंकड़बाग, राजेंद्र नगर, कदमकुआं, अशोक राजपथ, अनीसाबाद, गर्दनीबाग समेत शहर के तमाम इलाके से श्रद्धालुओं का महावीर मंदिर आने का सिलसिला सारी रात जारी रहा।
22 घंटे खुला रहेगा महावीर मंदिर
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर 22 घंटे खुला रहेगा। रात दो बजे से शनिवार की रात 12 बजे तक श्रद्धालु मंदिर में दर्शन-पूजन कर सकेंगे। जो भक्त प्रसाद, माला आदि चढ़ाना चाहते हैं, उन्हें लाइन में उतरी द्वारा से मंदिर में प्रवेश करना होगा। पुरुषों और महिलाओं की अलग-अलग लाइन होगी। सिर्फ दर्शन करने वाले भक्त, सुबह 6 बजे के बाद पूरब तरफ वाले प्रवेश द्वार से लाइन लगकर मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे। भक्तों की सुविधा व सुरक्षा के लिए जगह-जगह पंखे और क्लोज सर्किट टीवी लगाए गए हैं। सीसीटीवी के जरिए मंदिर के अंदर चल रहे पूजा का दृश्य दिखता रहेगा।
शहर में धूमधाम से मनेगी रामनवमी :शुक्रवार को रामनवमी राजधानी में धूमधाम से मनाई जाएगी। हर तरफ राम जन्मोत्सव के जयकारे लगेंगे और 21 जगहों से रामनवमी शोभायात्रा निकाली जाएगी।
आएंगे रामलला, दर्शन को उमड़ेंगे नर-नारी
- महावीर मंदिर में 10.30 बजे से रामनवमी की पूजा शुरू होगी। 12 बजे ध्वजारोपण और इसके बाद जन्मोत्सव मनेगा। बाद में आरती और रोट प्रसाद का वितरण होगा ।
- शुक्रवार की शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक डाकबंगला चौराहे पर अभिनंदन समारोह होगा। शहर में निकलने वाली सभी रामनवमी शोभायात्राओं का श्री रामनवमी शोभायात्रा अभिनंदन समिति की ओर से अभिनंदन किया जाएगा।
- इस बार शहर के 19 जगहों से श्री रामनवमी शोभायात्रा निकालने की तैयारी है।
- शुक्रवार की शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक डाकबंगला चौराहे पर अभिनंदन समारोह होगा। शहर में निकलने वाली सभी रामनवमी शोभायात्राओं का श्री रामनवमी शोभायात्रा अभिनंदन समिति की ओर से अभिनंदन किया जाएगा।
- इस बार शहर के 19 जगहों से श्री रामनवमी शोभायात्रा निकालने की तैयारी है।
Source: Bhaskar

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