पटना: छात्रवृत्ति घोटाले की पड़ताल में दैनिक भास्कर ने पूरे मामले से पर्दा उठा दिया है। अब तक की पड़ताल में सरगना से लेकर एक-एक लोग बेनकाब हो गए हैं। यह फर्जीवाड़े में लिप्त दूसरा गैंग है, जो स्कूल के प्राचार्यों के अलावा छात्रवृत्ति की राशि का गबन करता था। एक ही परिवार के चार सदस्य....
- हाथ लगे 7 बैंक के 19 खातों की पड़ताल में पता चला कि छात्रवृत्ति की लूट सात लोगों का गैंग कर रहा था।
- इसमें एक परिवार के चार सदस्य और तीन दोस्त थे।
- गैंग ने सरकारी विभाग के साथ मिलकर करोड़ों रुपए निजी खाते में ट्रांसफर करवा लिये।
- सभी ने एक-दूसरे का इंट्रोड्यूसर बन खाते भी खुलवाए।
- पड़ताल में प्रमोद कुमार व भोला कुमार नाम के शख्स मास्टरमाइंड के रूप में आए हैं।
- प्रमोद संत जेवियर बेबी स्कूल मखनिया कुआं का अस्थायी निवासी है।
- वह मूल रूप से सिपारा हिलसा का रहने वाला है।
- वहीं, भोला कुमार कृष्णा टी स्टोर, बीएम दास रोड पटना का रहने वाला है।
प्रमोद व भोला ने रचा फर्जीवाड़ा का जाल
- प्रमोद और भोला कथित रूप से दोस्त बताए जाते हैं।
- प्रमोद ने दो दोस्त सुमित कुमार गुप्ता और कुमार विकास के साथ मिलकर राशि हड़पने की साजिश रची।
- जबकि भोला ने अपनी बहन गिन्नी देवी और उसकी बेटी निधि कुमार और दामाद पंकज कुमार को इस खेल में शामिल किया।
- प्रमोद ने सुमित और विकास का प्रस्तावक बनकर बैंक में अकाउंट खुलवाया।
खोले गए खाते
जालसाजी की अधिकतर राशि पटना के बैंकों की कुछ खास शाखाओं में ही ट्रांसफर हुई है। छात्रवृत्ति सूची में शाखा का पता स्कूल के क्षेत्र का बताकर व्यक्तिगत खातों में राशि ट्रांसफर कराई गई। सातों जालसाजों का खाता सिंडिकेट बैंक सैदपुर ब्रांच, आंध्रा बैंक मुसल्लहपुर ब्रांच, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया नया टोला ब्रांच, केनरा बैंक जीएम रोड ब्रांच आदि में ही खोला गया है।
Source: Bhaskar

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