पिता बेचते थे ट्रेन में इडली, बेटे ने साइबर ठगी कर बना ली करोड़ों की संपत्ति

Two arrested in Nawada Bihar on charges of cyber crime.

Cyber Crime

नवादा: साल भर पहले तक नवादा जिले के हिसुआ थाना के मंझवे गांव निवासी दानी चौरसिया किउल-गया रेलखंड पर संचालित ट्रेनों में इडली बेचा करते थे। लेकिन यह सब अतीत बन चुका है। दानी चौरसिया के बेटों और दामाद ने साइबर क्राइम के जरिए करोड़ों की संपति अर्जित कर ली है। बैंक अधिकारी बन पूछता था एटीएम नंबर और पासवर्ड...

- दरअसल, राजस्थान की उदयपुर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के मामले में दो आरोपियों को अरेस्ट किया था।
- दोनों आरोपी में से पहला नालंदा के बौरीडीह निवासी प्रदीप कुमार है जबकि दूसरा विकास कुमार नवादा के मंझवे का रहने वाला है।
- दोनों ने पिछले सात से आठ महीने में तीन करोड़ से ज्यादा की ऑनलाइन ठगी की है।
- दोनों को उदयपुर भूपालपुरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
- दोनों पंजाब के जालंधर, मोहाली, चंडीगढ़, सोहला व पटियाला में ठगी के रुपयों से उपभोक्ताओं के बिजली के बिल का भुगतान करते थे।
- बदले में ई-मित्र को दो प्रतिशत कमीशन देकर नकद राशि अपने खाते में जमा करा लेते थे।
- इससे पुलिस ऑनलाइन ट्रांसफर हुई राशि की जांच करते हुए बिजली विभाग तक पहुंचकर कंफ्यूज हो जाती थी।
- बदमाशों की ठगी के शिकार जनजाति विकास विभाग के उपनिदेशक एमएल चौहान, डूंगरपुर के टीआरआई निदेशक बाबूलाल कटारा, बिहार के आईजी विजिलेंस सहित सैकड़ों लोग हुए हैं।
एसपी राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बताया कि बिहार में नालंदा के बौरीडीह निवासी प्रदीप कुमार और नवादा के मंझवे निवासी विकास कुमार को गिरफ्तार किया है। इन्होंने 19 फरवरी को बाबूलाल कटारा के खाते से 1 लाख 90 हजार रुपए की ऑनलाइन खरीददारी की और एमएल चौहान के खाते से 43 हजार रुपए खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। थानाधिकारी चांदमल ने बताया कि मामले की तफ्तीश में पुलिस ने बैंक खातों की डिटेल लेकर ट्रांजेक्शन आईडी और आईपी एड्रेस तलाशे। इसमें पता चला कि ऑनलाइन ठगी कर खातों से निकाले रुपए जालंधर के बिजली बोर्ड के खाते में जमा हुए थे। वहां पड़ताल में ठगी के शिकार लोगों के खातों से कई बिजली उपभोक्ताओं के बिल जमा होने का खुलासा हुआ। इस पर पुलिस ने बिजली उपभोक्ताओं से संपर्क किया तो ई-मित्र को बिल देना बताया। बिजली उपभोक्ताओं के बिल जमा कराने की कहकर वे ई-मित्र संचालक को दो प्रतिशत कमीशन देने का प्रलोभन देते थे।

बैंक के टोल फ्री नंबर से लेते थे खाताधारी के ओटीपी नंबर की जानकारी

ठग किसी भी अज्ञात नंबर पर बैंक अधिकारी के नाम से फोन करते हैं। एटीएम कार्ड ब्लॉक होने का डर बताकर नया जारी कराने से पहले सत्यापन कराने का बहाना बनाते हैं। वे एटीएम के 16 डिजिट नंबर लेकर खाता धारक को बैंक से मोबाइल मैसेज पर मिलने वाले छह अंकों पूछ लेते। इसके बाद वे बैंक के टोल फ्री नंबर पर कॉल कर ग्राहक का नाम और एटीएम नंबर बताकर कार्ड काम नहीं करने की सूचना देकर खरीददारी के लिए पासवर्ड (ओटीपी) नंबर की डिमांड करते और खाता धारक केे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी पासवर्ड मैसेज लेकर सत्यापन के नाम से पूछकर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर देते थे।

नालंदा: प्रदीप से पल्ला झाड़ रहे परिवार के लोग
बौरीडीह गांव निवासी स्व. राजनंदन प्रसाद चौरसिया के पुत्र प्रदीप कुमार चार भाई है। प्रदीप शादी-शुदा है। भाई अलग रहते हैं। प्रदीप घर पर नहीं के बराबर आता है। 15-20 दिन पहले आया था। पत्नी बच्चों के साथ मायके वजीरगंज थाना क्षेत्र के तुंगी-मंझवे गांव में रहती है। इसे अपने अन्य परिवार से कुछ लेना-देना नहीं है।
प्रदीप के पास इतनी है संपत्ति
प्रदीप के पास कई लग्जरी गाड़ियां हैं। बताया जाता है कि पटना, बोधगया, रांची, दिल्ली जैसे कई शहरों में जमीन और फ्लैट भी है। वो नालंदा के राजगीर में एक आलीशान भवन का निर्माण करा रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि दानी चैौरसिया के पास पान की खेती करने के लिए मामूली सा जमीन का टुकड़ा था। बंटाई की खेती में पान की खेती करता था। लेकिन बेटों ने गलत तरीके से अकूत संपति अर्जित की है। लिहाजा, गांव में कई एकड़ जमीन हो गई है। जहां भी जमीन बिक्री की सूचना मिलती थी, उसे वह ले लेता था।
Source: Bhaskar
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