पटना: बिहार में पूर्ण शराबबंदी का यहां के सभी राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है। किसी ने नीतीश कुमार को रियल स्टार बताया है तो किसी ने उनके इस कदम का स्वागत किया है। वहीं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने बिहार की गरीब जनता का हित विशेषकर महिलाओं-बच्चों की भावना का सम्मान करते हुए यह ऐतिहासिक नारा दिया है। दिया नारा "नशा छोड़ो, समाज जोड़ो"...
- तेजस्वी ने कहा कि शराब की लत न सिर्फ घर और समाज को तोड़ती है, बल्कि कई अन्य बुराइयों की उत्पत्ति का भी कारण बनती है।
- इसका सबसे विकृत प्रभाव समाज के सबसे कमजोर वर्गों के बीच देखा जाता है, जहां आय और शिक्षा सीमित होने के कारण संभावनाएं कम हैं।
- सीमित आय का बड़ा हिस्सा अगर शराब पर व्यय होने लगे तो शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत आवश्यकताएं नजरअंदाज होने लगती हैं और घरेलू हिंसा में भी बढ़ोतरी होती है।
- शराब के सेवन से अपराध में भी वृद्धि होती है, क्योंकि यह उचित-अनुचित में भेद करने की शक्ति खत्म कर देता है।
- शराब के इसी अवगुण के कारण सड़क और अन्य दुर्घटनाओं में भारी उछाल देखा जाता है, जिससे जान और माल का नुकसान तो होता ही है, परिवार भी बर्बाद हो जाते हैं।
- ऐसी हर बुराई जो सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के शेष समाज के समकक्ष आने की चाह और राह में रोड़ा अटकाता है, वह सामाजिक न्याय की अवधारणा के भी विरुद्ध है।
- बिहार की समाजवादी और समतावादी सरकार को यह कतई स्वीकार्य नहीं है।
- बिहार में सामाजिक न्याय और परिवर्तन की दिशा में यह एक और क्रांतिकारी कदम साबित होगा।
- ताड़ी उद्योग से जुड़े विशेषकर पासी समाज के लोग हतोत्साहित न हों।
- सरकार ताड़ी संचय केंद्र की योजना बना रही है, ताकि ताड़ी नीरा के रूप में लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वागतयोग्य कदम : माले
भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने बिहार में देसी के साथ ही विदेशी शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता के आंदोलन की जीत है। जनता के लगातार आंदोलन का ही नतीजा है कि सरकार को पूर्ण शराबबंदी लागू करना पड़ा। शराबबंदी की लड़ाई में महिलाओं का विशेष योगदान रहा है।
जनता की आवाज के आगे झुके सीएम
राज्य में पूर्ण शराबबंदी का रालोसपा ने स्वागत किया है। विधायक ललन पासवान, राष्ट्रीय महासचिव राजकुमार सिंह व प्रवक्ता मनोज लाल दास मनु ने कहा मुख्यमंत्री द्वारा शराबबंदी का निर्णय स्वागतयोग्य कदम है। गांजा सहित सभी प्रकार के नशा पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। रालोसपा नेताओं ने कहा एनडीए के सभी घटक दलों एवं पूरे राज्य से आ रही आम जनता की आवाज पर आखिरकार मुख्यमंत्री को झुकना पड़ा। देशी शराब बंद होने के बाद विदेशी के चालू रहने का राज्य में विरोध हो रहा था।
पूर्ण शराबबंदी का कला संस्कृति मंत्री ने किया स्वागत
कला संस्कृति एवं युवा मंत्री शिवचन्द्र राम ने बिहार मे पूर्ण शराबबंदी लागू किए जाने का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को बधाई दी है। शिवचन्द्र राम ने कहा कि युवा राजद की यह मांग रही थी कि बिहार मे शराबबंदी लागू हो, इसके लिए युवा राजद ने 10 सितंबर, 2012 को महाधरना दिया था, जिसमें नारा था कि शराब नहीं किताब चाहिए, मदिरालय नहीं पुस्तकालय चाहिए, युवाओं को रोजगार चाहिए। आज सरकार ने पूर्ण शराबबंदी लागू कर बिहार की जनता को अनमोल तोहफा देने का काम किया है।
जदयू ने कहा नीतीश हैं रियल स्टार
जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि शराबबंदी के फैसले से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रियल स्टार बन गए हैं। देसी-विदेशी शराब पर प्रतिबंध से बिहार के सामाजिक जीवन में बड़ा बदलाव होगा। बिहार की तर्ज पर प्रधानमंत्री पूरे देश में शराब पर प्रतिबंध लगाएं। इससे हर वर्ग के लोगों को फायदा होगा। प्रदेश जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो कहते हैं, उसे पूरा कर दिखाते हैं। प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि पूर्ण शराबबंदी पूरी तरह नीतीश कुमार का फैसला है। प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा कि देसी के साथ विदेशी शराब पर भी रोक लगा देने से बिहार में हर-तरफ खुशी का माहौल है। अरविंद कुमार उर्फ छोटू सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस कदम से बिहार में कितने घर उजड़ने से बच गए, बिहार की महिलाओं की खुशी का अहसास बीजेपी नेताओं को नहीं है। युवा जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह सेतु ने कहा कि सुशील मोदी को तो बस इसकी चिंता है कि अब विजय माल्या की कंपनियों का क्या होगा?
Source: Bhaskar

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