पटना: पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का प्रधानमंत्री बनने का सपना कभी पूरा नहीं होने वाला है। उनके मिशन 2019 का विफल होना तय है। वर्तमान में जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, उनमें नीतीश कुमार की पार्टी न तो चुनाव लड़ रही है और न ही वह इसके प्रचार में गए हैं।
असम और बंगाल में हो रहे विधानसभा चुनाव में भी उनकी पार्टी की उपस्थिति शून्य है। मोदी मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर जनता दरबार के बाद पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिहार छोड़कर देश में घूमने की बात कर रहे हैं, जबकि राज्य में विधि व्यवस्था की स्थिति चौपट हो गई है। आलम यह है कि राजद विधायक को भी कानून को सड़क पर उतराना पर रहा है।
मोदी ने कहा कि राजद विधायक राजबल्लभ यादव के खिलाफ राजनीतिक दबाव के कारण अबतक आरोपपत्र दाखिल नहीं हो पाया है। स्पीडी ट्रायल के माध्यम से उनको इस मामले में सजा दिलाई जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार राजनीतिक दबाव के आगे झुक गई है। राजबल्लभ यादव की सदस्यता खत्म करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखेंगे। कहा कि राज्य में घोर पेयजल संकट है। इसका प्रमुख कारण मुख्यमंत्री चापाकल योजना बंद होना है।
‘सुमो का कोई राजनीतिक चरित्र नहीं’
जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि सुशील मोदी का कोई राजनीतिक चरित्र नहीं है। सुमो कभी किसी की तरक्की होते नहीं देख सकते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी प्रबंधन क्षमता से बिहार और देश के विकास को गति देंगे। सुमो ने भरी सभा में नीतीश को पीएम मेटेरियल बताया था। जब नरेंद्र मोदी पीएम बन गए तो सुशील मोदी की भक्ति बदल गई। सुमो कहते हैं कि बिहार में अपराध बढ़ा है, लेकिन उनको पता नहीं है कि बिहार में कानून का राज और सुशासन कायम है। राजबल्लभ के मामले में नीतीश ने पहले ही साफ कर दिया है कि आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। स्पीडी ट्रायल चला कर आरोपी को सजा दिलाई जाएगी।
निरंतर घटती जा रही जदयू की ताकत नीतीश कैसे बनेंगे पीएम : मंगल पांडेय
भाजपा के अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने का सपना देखने वाले नीतीश कुमार अपनी राजनीतिक औकात को नहीं समझ पा रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि उनकी ताकत निरंतर घटती जा रही है। पहले लोकसभा में ताकत घटी, फिर विधानसभा में और अब राज्यसभा में भी उनकी ताकत घटने वाली है। फिर भी दिल्ली का सपना पाले बैठे हैं। लोकसभा में 20 से घटकर 2 पर पहुंचे। हाल में हुए विधानसभा चुनाव में उनके विधायकों की संख्या 118 से घटकर 71 पर आ गई है। इसी साल राज्यसभा में भी उनकी 2 संख्या घटने वाली है। दिल्ली-यूपी में उनके नेतृत्व को जनता ने पूरी तरह खारिज कर दिया। उनके किसी उम्मीदवार की जमानत तक नहीं बच पाई।
अगलगी पर नीतीश सरकार गंभीर नहीं : नेता प्रतिपक्ष डाॅ. प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य के अंदर लगातार बढ़ रही अगलगी की घटना पर राज्य सरकार कहीं से गंभीर नहीं है। अबतक 21 जिलों में अगलगी की घटनाओं से 3722 घर जल कर राख हो गए। इनमें 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 घायल भी हुए हैं। वहीं सरकार मूकदर्शक बनकर देख रही है। इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए सरकार के पास न तो पर्याप्त अग्निशामक हैं और न ही कोई कार्ययोजना। कहा- सरकार पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाए।
Source: Bhaskar

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