पटना: यूजीसी ने 2009 के पहले पीएचडी करने वालों को व्यख्याता बनने के लिए नेट उत्तीर्णता की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। इससे बिहार के वैसे अभ्यर्थियों को व्याख्याता बनने में मदद मिलेगी, जिन्होंने 2009 के पहले पीएचडी उत्तीर्ण की है।
बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में विभिन्न विषयों में लगभग 3300 व्याख्याताओं की बहाली होनी है। 2009 के पहले पीएचडी उत्तीर्ण करने वाले आवेदकों की संख्या भी काफी है। भाजपा विधानमंडल दल के नेता व पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से हुई बातचीत के हवाले मंगलवार को कहा-यूजीसी गाइडलाइन में बदलाव से बिहार सहित अन्य राज्यों के ऐसे अभ्यर्थियों को लाभ होगा।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने तय किया है कि 2009 के पहले पीएचडी उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को व्याख्याता बनने के लिए नेट उत्तीर्ण करना अनिवार्य नहीं होगा।
Source: Bhaskar

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