पटना: इलाज से पहले इम्तिहान। जी हां, नशा मुक्ति केंद्र आ रहे शराब के आदी मरीजों से पहले दस सवाल पूछे जा रहे हैं। मरीज जैसा जवाब दे रहे हैं, वैसा ही उनका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों ने इलाज के तीन-चार तरीके तय कर रखे हैं। मरीज को जितने नंबर आते हैं, उस आधार पर तय किया जाता है कि इनको किस तरह से ट्रीट करना है।
संक्रामक रोग अस्पताल परिसर में बने केंद्र आ रहे मरीजों के परिजन इलाज से पहले इम्तिहान की बात सुनकर पहले तो चौंकते हैं, मगर बाद में तैयार हो जाते हैं। इस इम्तिहान को डॉक्टरी भाषा में अल्कोहल यूज डिसऑर्डर आइडेंटिफिकेशन टेस्ट कहते हैं। इसके तहत मरीजों से डॉक्टर 10 सवाल पूछते हैं। प्रत्येक सवाल के जवाब के लिए चार विकल्प दिए गए हैं। हर सवाल का स्कोर फिक्स है। टोटल स्कोर के आधार पर इलाज तय होता है।
क्या हैं सवाल
-कितनी बार आप शराब का सेवन करते हैं?
- दिनभर में कितनी मात्रा में शराब पीते हैं?
- क्या अापको कभी ऐसा भी लगा कि शराब नहीं छोड़ सकते?
- शराब पीने के कारण क्या आपके काम करने की क्षमता में कोई कमी आई?
- नींद खुलते ही क्या अापको शराब की जरूरत पड़ती है?
- क्या अापको यह महसूस होता है कि हम कोई गलत काम कर रहे हैं?
- शराब पीने के बाद पिछली रात की कोई घटना आपको याद है?
- शराब पीने से कभी एक्सिडेंट हुआ है?
- मित्र या डॉक्टर ने शराब पीना छोड़ने की हिदायत दी?
स्कोरिंग के तहत इलाज
मरीजों का इलाज कर रहे डाॅ. पीयूष ने बताया कि अगर किसी मरीज का स्कोर 15 से कम है तो उसे सिंपल एडवाइज, स्कोर 16-19 के बीच रहा तो काउंसिलिंग व मॉनिटरिंग की जाती है। 19 से ऊपर रहा तो मरीज का इलाज किया जाता है।
ग्रुप डिस्कशन भी
वैसे मरीज जो दवा से ठीक हो गए हैं, उनके साथ केंद्र में भर्ती मरीजों का ग्रुप डिस्कशन कराया जाएगा। वे भर्ती मरीजों को बताएंगे कि कैसे ठीक हो गए। केंद्र के नॉडल चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ. संतोष कुमार ने बताया कि केंद्र में 12 मरीज भर्ती हैं।
Source: Bhaskar

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