बिहारी ब्रिलिएंट : किसी ने व्हीलचेयर से तो विदेश में रहकर भी करना चाहता है देश सेवा

Bihar youth in UPSC. Meet Dr Amit a handicapped man from Begusarai Bihar to crack UPSC exam.

IAS Topper

पटना: बेगूसराय जिले के रतौली गांव के डॉ. अमित ने एक दुर्घटना में दिव्यांग हो गए। इसके बावजूद अमित ने अपनी तीव्र इच्छा शक्ति की बदौलत यूपीएससी में 981 रैंक पाया है। व्हील चेयर के सहारे जिंदगी बसर करने वाले अमित केजीएमसी लखनऊ से एमबीबीएस कर फुलवारीशरीफ में सरकारी डॉक्टर हैं। दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में चोट आ गई थी। बेहतर है इसबार का प्रदर्शन...


- यूपीएसएसी 2015 परीक्षा के रिजल्ट में बिहार का प्रदर्शन इस बार बेहतर रहा है।
- हिंदी से परीक्षा देने वालों को भी अच्छी सफलता मिली है।
- चाणक्या क्लासेज के पटना सेंटर के हेड डाॅ. कृष्णा सिंह का दावा है कि रिजल्ट पहले की तुलना में बेहतर है। 2010 के बाद स्थिति खराब हुई थी, लेकिन 2013 के बाद से बदल रही है।
- उनका कहना है कि पिछली बार यूपीएसएसी में बिहार के 117 अभ्यर्थियों को सफलता मिली थी।
- इधर, मिशन 50 के संस्थापक आईएएस डाॅ. रंजीत कुमार सिंह व पटना सेंटर के संचालक आनंद राज का दावा है कि इस बार बिहार के 67 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है, जो पिछली बार की तुलना में 24 कम है।
- पिछली बार बिहार के 88 अभ्यर्थियों को सफलता मिली थी। इस बार यूपी से सबसे अधिक 120 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है।
- यूपी में यूपीएससी की तैयारी के चार बड़े सेंटर इलाहाबाद, लखनऊ, कानपुर और आगरा हैं। बिहार में मात्र एक सेंटर पटना है, लेकिन यहां अच्छे शिक्षकों की कमी है।

आईआईटीयंस का फिर रहा जलवा

- यूपीएससी के रिजल्ट में एक बार फिर इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के अभ्यर्थियों का जलवा रहा।
- मंगलवार को रिजल्ट निकला तो शहर में यूपीएससी में चयनित हुए ज्यादातर अभ्यर्थी इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से निकले।
- इसमें भी टॉप इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट यानी आईआईटीयन और एनआईटीयन अव्वल रहे।
- शहर में 35वीं रैंक हासिल करने वाले शिवपुरी पटना के कुमार आशीर्वाद आईआईटी खड़गपुर के स्टूडेंट रहे हैं।
- मुंबई में आईआईटी छात्रों को कोचिंग कराते हुए उन्होंने आईएएस की तैयारी की और सफलता प्राप्त की।
- उन्हें आईएएस बनना था और अब उनका सपना पूरा हो गया है। आशीर्वाद की तरह ही 54वीं रैंक हासिल करने वाले रवि प्रकाश आईआईटी कानपुर के छात्र रहे हैं।
- कुछ साल तक नौकरी की फिर उसे छोड़कर पूरी तरह आईएएस बनने के अपने सपने को संजोने में जुट गए। दो बार लगातार इंटरव्यू तक पहुंचे। तीसरी बार में सफलता हासिल कर ली।
- 142वीं रैंक पर रहे सौरभ ने रूड़की से बीटेक किया है। सेल दुर्गापुर में कार्यरत हैं पर, सपना सिर्फ आईएएस बनना रहा। तैयारी जारी रखी। सेल्फ स्टडी पर जोर दिया। अब वे चुन लिए गए हैं।
- उम्मीद है कि आईएएस या आईएफएस मिल जाए। जो भी मिलता है वे ज्वाइन करेंगे। आईआईटी कानपुर से ही बीटेक सीडीए कॉलोनी निवासी अंकित ने 492वीं रैंक हासिल की है।
- वे टाटा स्टील में काम किए। इसके बाद नौकरी छोड़कर आईएएस के लिए जुटे। अभी रेवेन्यु सर्विस मिलेगा पर आईएएस के लिए तैयारी जारी रहेगी।
- गया निवासी अभिषेक नारायण सिन्हा ने 392वीं रैंक हासिल की है। वे भी आईआईटी गुवाहाटी के स्टूडेंट रहे हैं।
- आईआरएस मिलने की उम्मीद है पर, वे आईएएस के लिए तैयारी करते रहेंगे। 653वीं रैंक पाने वाले विभूति भूषण एनआईटीयन हैं।
- नौकरी छोड़कर तैयारी में जुटे और सफलता हासिल की। इनमें से कई अभ्यर्थियों का बैकग्राउंड तो इंजीनियरिंग रहा है लेकिन आईएएस में बेहतर अंक पाने के लिए उन्होंने लोक प्रशासन और भूगोल जैसे विषयों का चयन किया।पोस्टल पार्क पटना निवासी निशांत ने भी वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक किया।
- फिर यूपीएससी की तैयारी में जुटे। पर, तैयारी के दौरान विषय चुना एंथ्रोपोलॉजी और 856वीं रैंक हासिल की। अंजनी अंजन 148वीं रैंक हासिल की है। नेतरहाट के स्टूडेंट रहे हैं।
टॉपर्स के टिप्स

- यूपीएससी में धैर्य की जरूरत है।
- धैर्य बनाए रखें, समर्पण भाव से तैयारी करते रहें।
- निरंतर पढ़ाई जरूरी।
- एनसीईआरटी की किताबें पढ़ना जरूरी।
- ग्रेजुएशन से ही तैयारी कर दें शुरू।
- हर असफलता के बाद अपनी स्ट्रैटजी में लाएं बदलाव।
- किताब में डूबें नहीं क्वालिटी पढ़ाई करें।
यूं क्रैक किया यूपीएससी

- शुरू से लक्ष्य पर फोकस रहे।
- पहले एक करिअर के जरिए भविष्य को सिक्योर किया और फिर तैयारी में जुटे।
- जब लगा कि अब सिर्फ तैयारी करनी चाहिए नौकरी को भी छोड़ा।
- असफलता से हारे नहीं, बार-बार कमियां दूर कर आगे बढ़ते रहे।
Source: Bhaskar
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