पटना: हाईकोर्ट की डबल बेंच में मंगलवार को राज्य सरकार की 5 अप्रैल 2016 की पूर्ण शराबबंदी की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू हुई। अखिल भारतीय बेवरेजेज कंपनियों के समूह व बीयर उत्पाद कंपनियों सहित कई अन्य ने इसे चुनौती दी है। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश इकबाल अहमद अंसारी और न्यायमूर्ति नवनीति प्रसाद सिंह की खंडपीठ ने इस पर सुनवाई की। बुधवार को जारी रहेगी सुनवाई...
- सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता सी के वैद्यनाथन ने याचिकाकर्ताओं और राजीव धवन ने सरकार का पक्ष रखा। सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।
- याचिकाकर्ताओं की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि कहीं से भी राज्य सरकार की शराबबंदी नीति को चुनौती नहीं दी जा रही है।
- 5 अप्रैल को सरकार ने अचानक अधिसूचना निकाल कर जिस तरह से विदेशी शराब के सेवन और बिक्री पर रोक लगा दी, वह उसके सनकीपन और मनमानी को दर्शाता है।
- जो संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। दो रिट याचिकाएं डॉक्टरों की तरफ से भी दायर की गई हैं।
- जो संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। दो रिट याचिकाएं डॉक्टरों की तरफ से भी दायर की गई हैं।
Source: Bhaskar

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