पटना: जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने बिहार में शराबबंदी पर कहा कि जो शराब पीना चाहते हैं, उन्हें पीने की आजादी मिलनी चाहिए। फ्रीडम के हिसाब से शराबबंदी विरोधाभास है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि शराबबंदी से मारपीट नहीं हो रही है। मजदूर और गरीब, मजदूरी की राशि शराब पर खर्च कर देते हैं, यदि यह बच जा रहा तो ऐसी स्थिति में शराबबंदी का फैसला ठीक ही है। कन्हैया शनिवार को यहां भाकपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे। कहा- अफजल मेरे आदर्श नहीं...
- पत्रकारों ने जब उनसे अफजल गुरु के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि अफजल उनका आदर्श नहीं है।
- जब पूछा गया कि अफजल को आदर्श मानने वालों के साथ क्यों खड़े हैं? वह भड़क गए।
- कहा- रोहित बेमुला मेरे आदर्श हैं। बिहार के विवि में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने के लिए सरकार की निंदा की।
- नीतीश कुमार पीएम पद के सशक्त चेहरा हैं? कहा- मैं राजनीतिज्ञ नहीं हूं। ऐसे सवालों का जवाब कैसे दूं।
- भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर दलों में एकता व मोर्चा बनता नहीं दिखता।
पटना पहुंचने पर वीआईपी सुरक्षा, लालू-नीतीश से मिले
शनिवार को पटना पहुंचने पर कन्हैया को सरकार की ओर से वीआईपी सुरक्षा दी गई। उन्होंने लालू प्रसाद, नीतीश कुमार, अशोक कुमार चौधरी से मुलाकात की। जनशक्ति भवन में अपने पिता से मिले। रविवार को वे श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे।
नीतीश ने कहा- 10 साल के लिए अंदर जाना पड़ेगा तो पीने का मजा मिल जाएगा
- नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी बिहार से शुरू हुई है, लेकिन यह देशभर में जन आंदोलन का रूप लेगा।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी का मामला समाज की भलाई से जुड़ा है। आदतन पीने वालों को छोड़ कर हर कोई खुश है।
- बताइए भला, क्या सोच कर कुछ लोग (गुजराती व्यवसायी) होटल में शराब पी रहा थे।
- हमारे एक जन प्रतिनिधि ने कुछ बोल दिया तो पुलिस पीछे पड़ गई। उसे तो पुलिस छोड़ नहीं रही है। कानून बहुत सख्त बना है।
- जब 10 साल के लिए अंदर जाना पड़ेगा तो पीने का मजा मिल जाएगा।
- शराब कारोबारियों के पास पैसे की ताकत है लेकिन कानून की ताकत के आगे उनकी एक नहीं चलेगी।
- सीमावर्ती इलाके में एक निश्चित दूरी के अंदर शराब की दुकान नहीं खोली जा सकती हैं।
- सीएम शनिवार को अधिवेशन भवन में स्पीडी ट्रायल, स्पीडी अपील, जमानत रद्द और रिहाई विषय पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे।
सैन्यकर्मी भी मेस या क्लब में ही पी सकेंगे
- राज्य सरकार ने सेना में कार्यरत अफसर और जवानों पर भी कैंट एरिया से बाहर शराब लाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
- वे मेस और क्लब में ही शराब पी सकेंगे। सरकार ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करने के लिए यह निर्णय लिया है।
- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में पूर्व सैनिकों को शराब की आपूर्ति पर रोक लगाने का निर्णय लिया था।
Source: Bhaskar

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