छपरा: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं से कहा-अगर भट्ठी में शराब बनती दिखे, तो भट्ठी तोड़ दीजिए। नाजायज कार्य को रोक दीजिए। आपके साथ सरकार की पूरी ताकत है। शराबबंदी पर पैनी नजर रखिए। कोई सूचना मिले तो उसे तुरंत उत्पाद विभाग एवं पुलिस के नियंत्रण कक्ष को बताइए। फौरन कार्रवाई होगी।
नीतीश, बुधवार को यहां राजेंद्र स्टेडियम में जीविका के महिला सदस्यों (दीदियों) को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री के अनुसार बिहार की नई शराब नीति पूरे देश के लिए नजीर साबित होगी। अंतत: पूरा देश बिहार के इस रास्ते पर चलने को मजबूर होगा। कुछ करोड़ की लालच में करोड़ों लोगों की जिंदगी से नहीं खेला जा सकता। उन्होंने शराबबंदी के कई फायदे गिनाए।
कहा- शराबबंदी से अपराध
घटे हैं। इससे सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद पड़ी है। दूसरे राज्यों में भी इसका बड़ा असर है। झारखंड, यूपी, ओडिशा, तमिलनाडु, महाराष्ट्र में शराबबंदी की मांग तेज हो गई है।
मौत तक की सजा
नीतीश ने सबको बताया कि शराबबंदी का उल्लंघन करने पर किसको-किसको, कौन-कौन सी सजाएं मिलेंगी। कानून में आजीवन कारावास से लेकर मौत तक की सजा की व्यवस्था है।
शराबबंदी का श्रेय महिलाओं को
मुख्यमंत्री ने कहा-शराबबंदी का श्रेय महिलाओं को जाता है। उनकी ही मांग थी। मेरा वादा था। मैंने पूरा किया।
खामियों को दूर कर लागू की नई नीति
नीतीश बोले-द्वंद्व इस बात का था कि 1977 में कर्पूरी ठाकुर ने भी शराबबंदी लागू की थी। मगर बाद में इसे वापस ले लिया। यह फिर से नाकामयाब नहीं हो, इसके लिए नया और कड़ा कानून बनवाया। अब यह अभियान के रूप में लगातार सार्थक मुकाम को हासिल करता जा रहा है। नीतीश ने शराबबंदी का माहौल बनाने के क्रम में 1.19 करोड़ अभिभावकों का शपथ पत्र, नौ लाख जगहों पर दीवाल लेखन, साढ़े आठ हजार नुक्कड़ नाटक आदि की चर्चा की। बताया कि कैसे लोगों के सहयोग से उत्साहित होकर विदेशी शराब को भी बंद कर दिया गया।
अपराध व दुर्घटना में आई कमी
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी से बिहार को काफी फायदा हुआ है। एक महीना दस दिन के दौरान दुर्घटना व अपराध में 20 से 60 फीसदी तक की कमी आई है। घरों में शांति है। महिलाएं अमन-चैन से हैं। घरेलू हिंसा में कमी आई है। जो पीकर मस्त रहते थे, अब परिवार पर ध्यान दे रहे हैं।
सभा को डॉ.अशोक चौधरी, चन्द्रिका राय, शिवचन्द्र राम, मुनेश्वर चौधरी (सभी मंत्री), मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, डीजीपी पीके ठाकुर ने भी संबोधित किया।
Source: Bhaskar

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