पटना/मुजफ्फरपुर: रविवार शाम कालीघाट पर डूबे इंजीनियर सुमन सौरव की पीएमसीएच में मौत के बाद डॉक्टर और सौरव के साथियों-परिजनों में भिड़ंत हो गई। इस दौरान दोनों ओर से लाठी-डंडे और रॉड चले। रविवार रात हुई इस घटना के बाद उग्र लोगों ने पीएमसीएच में जमकर तोड़फोड़ की। हालत बेकाबू होता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।जानिए, कितने मरीज हस्पिटल में हैं एडमिट...
- इस घटना से आक्रोशित जूनियर डॉक्टरों ने आधी रात को बैठक की। पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए।
- सूबे के सभी मेडिकल कॉलेज में तैनात जूनियर डॉक्टरों से हड़ताल की अपील की गई।
- रात के साढ़े बारह बजे के आसपास एसकेएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों ने बैठक की और हड़ताल की घोषणा कर दी।
- अधीक्षक की मान-मनौव्वल के बाद डॉक्टरों ने इमर्जेंसी सेवा को हड़ताल से मुक्त रखा।
- जूनियर डॉक्टर एसोशिएसन के नेता डॉ. संजय मणि ने कहा कि सोमवार को डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर सरकार के निर्णय के बाद आगे की रणनीति तय होगी।
लाठीचार्ज में घायल हुए डॉक्टर्स
- पीएमसीएच में डॉक्टरों व पब्लिक के बीच मारपीट और पुलिसिया लाठीचार्ज में एक दर्जन से अधिक नर्स, डॉक्टर व इंजीनियर के दोस्त व परिजन घायल हो गए।
- इमर्जेंसी में घंटों अफरातफरी मची रही। शाम सात बजे के बाद जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया। इमर्जेंसी में बाहर के मरीजों का प्रवेश बंद हो गया।
- पीएमसीएच का इमर्जेंसी गेट तो खुला था, लेकिन बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई।
...तो 226 मरीजों की जान पड़ेगी सांसत में
- एसकेएमसीएच में रविवार को 46 मरीज इमरजेंसी में एडमिट हुए। पहले से वार्डों में 180 मरीज भर्ती हैं।
- हालांकि हड़ताल से इमरजेंसी सेवा को मुक्त रखा गया है, लेकिन यदि सोमवार को सरकार ने मारपीट करने वालों पर कार्रवाई नहीं की और डॉक्टरों को सुरक्षा नहीं मिली तो हड़ताल आगे बढ़ सकती है।
- ऐसे में इमरजेंसी सेवा भी प्रभावित हो सकती है।
जेडीए का दावा, पूरे बिहार के जू. डॉक्टर हड़ताल पर
पीएमसीएच के जेडीए महासचिव डॉक्टर विनय कुमार ने बताया कि पूरे बिहार में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। हमारी मांग है कि पुलिस ने जिन डॉक्टरों को पकड़ा है, उन्हें छोड़ा जाए और पीएमसीएच में सुरक्षा दी जाए।
Source: Bhaskar

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