सभी यूनिवर्सिटीज का एक ही सिलेबस, च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम से मूल्यांकन

Will one syllabus for all universities applicable in Bihar, says education minister.

Education minister of Bihar

पटना: सूबे के विश्वविद्यालयों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू किया जाएगा। राजभवन में कुलाधिपति सह राज्यपाल रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में सूबे के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति व प्रति कुलपतियों के साथ सुबह 10.30 बजे से शाम शाम 5.45 बजे तक चली लंबी बैठक में इस प्रस्ताव को लागू करने का निर्णय लिया गया। वीसी ने दिया ये निर्देश...
- कुलाधिपति ने विश्वविद्यालयों को हर हाल में नया सत्र जुलाई के प्रथम सप्ताह से शुरू कराने का निर्देश दिया।
- एडमिशन प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के लिए यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम को लागू करने का निर्णय लिया गया।
- साथ ही, सभी विश्वविद्यालयों में एक समान कोर्स लागू करने पर भी सहमति बनी।
- यूनिफॉर्म सिलेबस तैयार करने के लिए अब विश्वविद्यालयों के बीच सरकार समन्वय स्थापित करेगी।

एक्ट में संशोधन कराने का निर्देश
- राज्यपाल ने ने स्पष्ट किया कि अभी च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को पूरी तरह से लागू नहीं किया जा रहा है।
- विश्वविद्यालय अपनी सुविधा के आधार पर इसे लागू करें। लेकिन कुलाधिपति ने इसे लागू करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों को शीघ्र बोर्ड ऑफ स्टडीज के गठन के निर्देश दिए।
- नियम-परिनियम में इस संबंध में कोई ठोस प्रावधान न होने की स्थिति में सरकार के सहयोग से एक्ट में संशोधन कराने को भी कहा गया है।
- कुलाधिपति ने कहा- उच्च शिक्षा की स्थिति तभी सुधर सकती है, जब कक्षाओं में शिक्षक व छात्रों की उपस्थिति रहे।
- शिक्षकों की जितनी संख्या हैं, उन्हें कैंपस में पांच घंटे गुजारने के लिए विश्वविद्यालयों को व्यवस्था करनी होगी।
- कुलाधिपति ने कहा कि एकेडमिक व परीक्षा कैलेंडर को लागू किए जाने के मामले को गंभीरता से लेना होगा।
- सभी कुलपतियों को इसके लिए जिम्मेदारी लेनी होगी। समय पर परीक्षा व समय पर रिजल्ट देकर ही विश्वविद्यालय इस स्थिति में सुधार कर सकता है।
- उन्होंने कहा कि एकेडमिक व परीक्षा कैलेंडर विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों के लिए एक स्पष्ट सूचना-स्रोत व मार्गदर्शक का काम करेगा।
- समय से नामांकन, नियमित अध्यापन, समय से परीक्षा आयोजन, समय से परीक्षाफल प्रकाशन एवं समय से डिग्री वितरण, अगर यह लक्ष्य हम हासिल कर लेते हैं तो उच्च शिक्षा के विकास के मार्ग की अधिकतर कठिनाइयां अपने आप दूर हो जाएंगी।

क्रेडिट में बंटेंगे विषय, स्नातक में छह सेमेस्टर

- च्वाइस बेस्ड क्रेडिट (सीबीसी) सिस्टम के तहत स्नातक को छह व पीजी को चार सेमेस्टर में बांटने का प्रस्ताव है।
- सीबीसीएस के लिए पटना विवि के प्रति कुलपति प्रो. आरके वर्मा के नेतृत्व में गठित कमेटी ने दिल्ली विश्वविद्यालय व अन्य विश्वविद्यालयों में लागू सीबीसीएस के अध्ययन के बाद नए सिस्टम का प्रारूप तैयार किया है।
- विवि में इसे धीरे-धीरे लागू किया जाएगा। राजभवन या सरकार कोई भी प्रणाली थोपने के मूड में नहीं है। कुलाधिपति भी इसे चरणवार लागू करने पर सहमत।

सीबीसीएस का मतलब क्या?

- सीबीसीएस के तहत सरकार विद्यार्थियों को अपने पसंद का विषय कंबिनेशन चुनने का मौका प्रदान करेगी।
- सीबीएस सिस्टम के तहत स्नातक के तीन वर्ष के पाठ्यक्रम को छह सेमेस्टर व पीजी के दो वर्ष के पाठ्यक्रम को चार सेमेस्टर में बांटा जाएगा।
- एक सेमेस्टर में 20 क्रेडिट प्वाइंट निर्धारित किए गए हैं।
- इस प्रकार छह सेमेस्टर में 120 क्रेडिट प्वाइंट व चार सेमेस्टर में 80 क्रेडिट प्वाइंट हासिल करने वाले विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी।
- सरकार के दिशा-निर्देश पर एक सेमेस्टर में कम से कम 18 क्रेडिट प्वाइंट हासिल करने वाले विद्यार्थियों को अगले सेमेस्टर में प्रमोट किया जाएगा।
- तीन के स्थान पर छह परीक्षाओं का आयोजन विश्वविद्यालयों को कराना होगा।

नया सिस्टम लागू कराने में परेशानी

- शिक्षकों की भारी कमी बड़ी बाधा है। इसे लागू करने से पहले कोर्स को क्रेडिट में बांटना होगा।
- यह कार्य विवि का बोर्ड ऑफ स्टडीज ही कर सकता है। पीयू को छोड़ किसी विवि में यह बोर्ड नहीं है।

अभी पीयू में हो सकता है लागू

- माना जा रहा है कि सीबीसीएस तत्काल पटना विवि में ही पहले लागू कराया जा सकता है।

हम मदद करेंगे, पर सरकार भी तो सोचे

शिक्षक नेता डॉक्टर रणधीर सिंह ने बताया कि हम सीबीसीएस को लागू करने में मदद करेंगे। लेकिन, सरकार शिक्षकों की कमी सहित अन्य जरूरतों को ध्यान में नहीं रख रही है। इसे लागू करने से पहले सभी विवि व कॉलेजों को नैक मान्यता जरूरी है। छात्रों की कक्षाएं बढ़ेंगी। ऐसी स्थिति के लिए क्या सभी विवि सक्षम है?
Source: Bhaskar
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