पटना: सरकारी आईटीआई में 1278 इंस्ट्रक्टरों की बहाली होगी। नए नियमों के आधार पर 35 प्रतिशत सीटें महिलाओं और 2 प्रतिशत स्वतंत्रता सेनानियों के नाती, नतिनी व पोते-पोती के लिए आरक्षित रहेंगी। श्रम संसाधन विभाग ने नए प्रावधानों के अनुसार रोस्टर तैयार किया है। विभाग 15 दिनों में बहाली के लिए बिहार कर्मचारी चयन आयोग को रिक्तियां भेज देगा। सरकारी आईटीआई में इंस्ट्रक्टर की है जरूरत...
- वर्तमान में इंस्ट्रक्टरों की कमी से पढ़ाई बाधित हो रही है। अभी 71 सरकारी आईटीआई में 1658 इंस्ट्रक्टर की जरूरत है।
- जबकि मात्र 380 इंस्ट्रक्टर ही कार्यरत हैं। अनुबंध के आधार पर 222 इंस्ट्रक्टर की सेवा ली जा रही है।
- सरकारी आईटीआई में प्रति वर्ष विभिन्न ट्रेड में करीब 23411 छात्रों का नामांकन क्षमता है।
- निजी 861 आईटीआई में 1.71 लाख छात्रों की नामांकन क्षमता है।
- विभाग ने 2011 में इंस्ट्रक्टर बहाली का प्रयास किया था, लेकिन अनुबंध पर बहाल इंस्ट्रक्टर नियमित करने को लेकर कोर्ट में चले गए थे।
- दो साल पहले बिहार कर्मचारी चयन आयोग को करीब 700 इंस्ट्रक्टरों की बहाली के लिए कहा गया था। अब नए सिरे से 1278 इंस्ट्रक्टरों की बहाली होगी।
12 साल से नहीं हुई है बहाली
- करीब 12 वर्षों से राज्य में इंस्ट्रक्टर की बहाली नहीं हुई है। उधर इंस्ट्रक्टर रिटायर्ड होते जा रहे हैं।
- नियोजन व प्रशिक्षण निदेशक गोपाल मीणा ने बताया कि दो साल पहले श्रम मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी किया था कि सीटीआई डिग्री के बिना इंस्ट्रक्टर नहीं बनाए जा सकते हैं।
- पहले आईटीआई उत्तीर्ण को ही इस पद पर बहाल कर लिया जाता था।
56वीं से 59वीं बीपीएससी मेंस का रास्ता साफ
पटना हाईकोर्ट ने बीपीएससी की 56वीं से 59वीं संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा के पीटी परिणाम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया व मेंस की अनुमति दे दी। कहा कि सभी आरोपों की जांच एक्सपर्ट
कमेटी कर चुकी है। दखल देने का कोई औचित्य नहीं है। न्यायमूर्ति अजय कुमार त्रिपाठी की एकल पीठ ने गुरुवार को यह आदेश दिया।
Source: Bhaskar

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